शहीद मदनलाल ढ़ींगड़ा सामुदायिक केंद्र पिछले 7 सालों से ताले में बंद, जर्जर हुआ भवन, पंजाबी समाज ने नगर परिषद से उठाई देखरेख की मांग
वर्ष 2013 में बना था केंद्र, 3 साल तक पंजाबी समाज ने संभाला रखरखाव, प्रशासन ने छीना जिम्मा, आश्वासन रहा कागजी : सुरेश अरोड़ा
शहीद के नाम पर बने भवन की अनदेखी से पंजाबी समाज में रोष, नगर परिषद ध्वस्त होने का कर रहा इंतजार : सुरेश अरोड़ा
भिवानी, 24 सितंबर : शहर के जीतू वाला जोहड़ क्षेत्र में स्थित शहीद मदनलाल ढ़ींगड़ा सामुदायिक केंद्र प्रशासन की अनदेखी और उदासीनता का दंश झेल रहा है। स्वतंत्रता सेनानी शहीद मदनलाल ढ़ींगड़ा के नाम से निर्मित यह सामुदायिक केंद्र पिछले 7 वर्षों से मुख्य द्वार पर ताला लटके होने के कारण बंद पड़ा है। देखरेख के अभाव में यह भवन अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिससे पंजाबी समाज के लोगों में भारी रोष और निराशा है। अरोड़ा विकास मंच के राष्ट्रीय विस्तारक सुरेश अरोड़ा ने नगर परिषद प्रशासन के इस ढुलमुल रवैये पर गहरा दुख और रोष व्यक्त किया है।
अरोड़ा विकास मंच के राष्ट्रीय विस्तारक सुरेश अरोड़ा ने बताया कि इस सामुदायिक केंद्र का निर्माण 20 जुलाई 2013 को जीतू वाला जोहड़ क्षेत्र में कराया गया था। उस समय स्थानीय तत्कालीन पार्षद के विशेष प्रयासों से नगर परिषद के तत्कालीन चेयरमैन विजय पंचगांवा ने इसका शुभारंभ किया था। निर्माण के शुरुआती तीन वर्षों तक पंजाबी समाज के लोगों ने इस भवन की उचित देखरेख और रखरखाव का जिम्मा बखूबी संभाला। अरोड़ा ने कहा कि सामुदायिक केंद्र की स्थिति तब बिगडऩे लगी जब नगर परिषद के चेयरमैन बदले। किसी स्थानीय विरोध का हवाला देते हुए नगर परिषद प्रशासन ने पंजाबी समाज से इस केंद्र की देखरेख का जिम्मा वापस ले लिया। उस समय प्रशासन की ओर से पंजाबी समाज को यह आश्वासन दिया गया था कि महज एक महीने के भीतर देखरेख की जिम्मेवारी उन्हें वापस सौंप दी जाएगी। लेकिन यह आश्वासन महज कागजी साबित हुआ और केंद्र के मुख्य द्वार पर पक्का ताला जड़ दिया गया, जो पिछले 7 सालों से नहीं खुला है।
सुरेश अरोड़ा ने कहा कि देखरेख न होने और लंबे समय से बंद पड़े रहने के कारण भवन की हालत अत्यंत जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह से जर्जर हो रहे इस ढांचे को देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो नगर परिषद प्रशासन इसके पूरी तरह ध्वस्त होकर गिरने का इंतजार कर रहा हो। पंजाबी समाज के प्रतिनिधियों ने कई बार वर्तमान व निवर्तमान नगर परिषद चेयरमैन और चेयरपर्सन के सामने अपनी गुहार लगाई, लेकिन हर बार उन्हें केवल उपेक्षा ही मिली।
अरोड़ा विकास मंच के नेशनल विस्तारक सुरेश अरोड़ा ने कहा कि शहीद मदनलाल ढ़ींगड़ा हमारे देश के महान स्वतंत्रता सेनानी हैं। इस सामुदायिक केंद्र के साथ पंजाबी समाज की गहरी भावनात्मक और सामाजिक आस्था जुड़ी हुई है। एक महान शहीद के नाम पर बने भवन का इस तरह जर्जर और बंद पड़ा रहना बेहद दुखद है। नगर परिषद प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेते हुए इस सामुदायिक केंद्र की देखरेख और संचालन की जिम्मेवारी पंजाबी समाज को वापस सौंपनी चाहिए, ताकि इसका जीर्णोद्धार कर इसे जनहित में दोबारा उपयोग में लाया जा सके। पंजाबी समाज व स्थानीय निवासियों ने एक स्वर में प्रशासन से मांग की है कि इस ऐतिहासिक महत्व वाले सामुदायिक केंद्र के ताले खोलकर इसकी मरम्मत कराई जाए और इसकी देखरेख का जिम्मा समाज के सुपुर्द किया जाए। ताकि यह सामुदायिक केंद्र 36 बिरादरी के लोगों के काम आ सकें।