यूजीसी रोल बैक संघर्ष समिति का धरना 24वें दिन भी रहा जारी, स्वर्ण समाज अंबाला ने दिया समर्थन
सरकार की असमान और अव्यावहारिक नीतियों के विरुद्ध न्याय की एक मुहीम है धरना : कैप्टन अमर सिंह
भिवानी, 24 सितंबर : यूजीसी फैसलों, आरक्षण सुधारों और एससी-एसटी एक्ट संशोधन की मांगों को लेकर खरक कलां में चल रहा आंदोलन लगातार उग्र और व्यापक होता जा रहा है। गांव खरक कलां बस स्टैंड पर यूजीसी रोल बैक संघर्ष समिति द्वारा आयोजित अनिश्चितकालीन धरना वीरवार को अपने 24वें दिन में प्रवेश कर गया। आंदोलन की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब इसे अंतर-जिला समर्थन भी मिलने लगा है। धरने के 24वें दिन आंदोलनकारियों को उस समय बड़ा नैतिक बल मिला जब अंबाला से स्वर्ण समाज के प्रतिनिधियों का एक विशेष जत्था धरना स्थल पर पहुंचा। अंबाला से पहुंचे समाजसेवियों एवं प्रतिनिधियों ने यूजीसी रोल बैक संघर्ष समिति की सभी जायज मांगों का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए विश्वास दिलाया कि हक और न्याय की इस लड़ाई में वे पीछे नहीं हटेंगे और भविष्य में होने वाले हर संघर्ष में आंदोलनकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे। इस अवसर पर अंबाला से संजय सिंह राणा, अजाब सिंह राणा, नरेंद्र सिंह राणा और जमशेर सिंह राणा मुख्य रूप से मौजूद रहे। इस दौरान धरने के माध्यम से मांग उठाई गई कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा लिए गए हालिया फैसलों को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए, वर्तमान आरक्षण व्यवस्था में व्यावहारिक, न्यायसंगत और पारदर्शी सुधार किए जाएं ताकि वास्तविक रूप से जरूरतमंदों को इसका लाभ मिल सके, एससी-एसटी एक्ट के प्रावधानों में आवश्यक संशोधन किए जाएं ताकि किसी भी वर्ग के साथ अन्याय न हो और कानून का दुरुपयोग रोका जा सके। धरने की अध्यक्षता कर रहे यूजीसी रोल बैक संघर्ष समिति के प्रधान कैप्टन अमर सिंह ने कहा कि हमारा यह आंदोलन किसी वर्ग विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकार की असमान और अव्यावहारिक नीतियों के विरुद्ध न्याय की एक मुहीम है। यूजीसी के हालिया फैसले और वर्तमान व्यवस्था में सुधार न होना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। 24 दिन बीत जाने के बावजूद सरकार का इस जनआंदोलन की अनदेखी करना उसकी हठधर्मिता को दर्शाता है। अंबाला से आए हमारे भाइयों के समर्थन ने यह साबित कर दिया है कि यह मांग केवल एक क्षेत्र की नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज की आवाज बन चुकी है। जब तक केंद्र सरकार यूजीसी के जनविरोधी फैसलों को रोल बैक नहीं करती और हमारी अन्य जायज मांगों को स्वीकार नहीं करती, तब तक खरक कलां की यह ऐतिहासिक धरा से अनिश्चितकालीन धरना इसी प्रकार जारी रहेगा। इस अवसर पर प्रदीप सिंह रिवाड़ी, प्रमोद परमार, भूपेंद्र परमार ढ़ाणी हरसुख, सूबेदार मेजर अनिल सिंह सहित अनेक लोग मौजूद रहे।