01.प्रेस विज्ञप्ति
नालंदा।
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**बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत सोगरा हाई स्कूल के बालिकाओं के साथ जिला पदाधिकारी , नालंदा द्वारा उनके कार्यालय कक्ष में किया गया संवाद कार्यक्रम का आयोजन: **
**आज दिनांक 25/07/2026 को श्रीमती उदिता सिंह, जिला पदाधिकारी, नालन्दा ने छात्राओं से की सीधी बात**
जिला पदाधिकारी नालंदा ने सोगरा हाई स्कूल की बालिकाओं के साथ एक विशेष "संवाद कार्यक्रम" के दौरान सुरक्षित एवं अहिंसक माध्यमों से हक की आवाज उठाने के दिए निर्देश।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं का मार्गदर्शन करना, उनकी समस्याओं को समझना तथा उन्हें नागरिक अधिकारों व प्रशासनिक प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अंश:
• छात्राओं का परिचय एवं भविष्य के सपने:
कार्यक्रम की शुरुआत में उपस्थित सभी छात्राओं ने बारी-बारी से अपना परिचय दिया और अपने भविष्य के सपनों व लक्ष्यों को साझा किया। बातचीत के दौरान कई बालिकाओं ने डॉक्टर, शिक्षक और पुलिस अधिकारी बनकर देश व समाज की सेवा करने की इच्छा व्यक्त की। जिला अधिकारी ने उनकी महत्वाकांक्षाओं की सराहना करते हुए उन्हें लगन से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।
• अधिकारों के प्रति जागरूकता और विरोध प्रदर्शन पर मार्गदर्शन:
संवाद के दौरान जिला अधिकारी महोदय ने इतिहास के प्रमुख आंदोलनों (जैसे निर्भया आंदोलन व अन्ना हजारे आंदोलन) तथा वर्तमान समय में चल रहे विभिन्न प्रोटेस्ट का उल्लेख किया। उन्होंने छात्राओं से ऐसे आंदोलनों में उनकी रुचि और दृष्टिकोण के बारे में जाना।
छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए उन्होंने कहा:
"अपने हक के लिए आवाज उठाना और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध में शामिल होना एक अच्छी बात है, लेकिन अपने अधिकारों के लिए आगे आकर निर्भीक होकर बोलना सबसे बेहतर है।"
साथ ही, उन्होंने छात्राओं को सतर्क करते हुए सलाह दी कि यदि किसी प्रदर्शन या आंदोलन में हिंसा (Violence) या उपद्रव की आशंका हो, तो उसमें भूलकर भी शामिल न हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी हिंसक गतिविधि में शामिल होने से वैधानिक/कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, जिससे भविष्य में करियर में गंभीर बाधा (ब्रेक) आ सकती है।
छात्राओं की समस्याएं एवं त्वरित प्रशासनिक आदेश:
छात्राओं से बातचीत के दौरान जब उनकी समस्याओं पर चर्चा हुई, तो उन्होंने विद्यालय में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन की अनुपलब्धता का मुद्दा उठाया और इससे होने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों से अवगत कराया।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला अधिकारी ने तुरंत मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को सोगरा हाई स्कूल में शीघ्रता-शीघ्र सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन स्थापित कराने का निर्देश दिए।
प्रशासनिक एक्सपोजर विजिट:
संवाद कार्यक्रम के पश्चात छात्राओं के व्यावहारिक ज्ञान और प्रशासनिक जागरूकता को बढ़ाने के उद्देश्य से उन्हें पुलिस कंट्रोल रूम तथा आरटीपीएस (RTPS) काउंटर का भ्रमण (Exposure Visit) कराया गया।
पुलिस कंट्रोल रूम का एक्सपोजर विजिट: अत्याधुनिक निगरानी और सुरक्षा प्रणाली को करीब से जाना
छात्राओं के व्यावहारिक ज्ञान और प्रशासनिक जागरूकता को बढ़ाने के उद्देश्य से उन्हें पुलिस कंट्रोल रूम (नियंत्रण कक्ष) का विशेष भ्रमण (Exposure Visit) कराया गया।
इस दौरान छात्राओं ने प्रत्यक्ष रूप से देखा और समझा कि अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से पूरे शहर की सुरक्षा व्यवस्था का संचालन किस प्रकार किया जाता है:
• CCTV कैमरों से 24x7 मॉनिटरिंग:
छात्राओं को दिखाया गया कि कैसे शहर के कोने-कोने (चप्पे-चप्पे) में लगे हाई-टेक CCTV कैमरों की मदद से पुलिस नियंत्रण कक्ष से ही पूरे शहर की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जाती है।
• त्वरित दुर्घटना/घटना रिपोर्टिंग:
छात्राओं ने जाना कि शहर के किसी भी हिस्से में कोई अप्रिय घटना, दुर्घटना या आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होने पर सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम के त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम के माध्यम से उसकी तुरंत रिपोर्टिंग और ट्रैकिंग कैसे होती है।
• ट्रैफिक एवं वाहनों की आवाजाही पर नजर:
नियंत्रण कक्ष के माध्यम से शहर में वाहनों के आवागमन, ट्रैफिक प्रवाह और संदिग्ध गतिविधियों को डिजिटल स्क्रीन पर रियल-टाइम में मॉनिटर करने की पूरी प्रक्रिया बालिकाओं को समझाई गई।
• सुरक्षा और आपातकालीन नेटवर्क:
छात्राओं को अवगत कराया गया कि किसी भी आपात स्थिति (जैसे डायल 112 या हेल्पलाइन कॉल) में कंट्रोल रूम किस तरह निकटतम गश्ती वाहन (Patrol Van) या पुलिस टीम को तुरंत लोकेशन ट्रेस करके मौके पर भेजता है।
छात्राओं ने कंट्रोल रूम में चल रही लाइव गतिविधियों का खुद अवलोकन किया और पुलिस की इस त्वरित व आधुनिक कार्यप्रणाली को गहराई से समझकर अत्यंत उत्साह जाहिर किया।
लोक शिकायत केंद्र (Public Grievance Redressal Centre) का विस्तृत एक्सपोजर विजिट: पारदर्शी एवं जवाबदेह शासन प्रणाली को समझा।
प्रशासनिक कार्यप्रणाली को जमीनी स्तर पर समझाने की कड़ी में छात्राओं को लोक शिकायत निवारण केंद्र का विस्तृत भ्रमण कराया गया। इस विजिट के माध्यम से छात्राओं को यह अवगत कराया गया कि आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान किस प्रकार समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से किया जाता है:
• शिकायत दर्ज करने की सुगम प्रक्रिया:
छात्राओं ने जाना कि कोई भी आम नागरिक अपनी सरकारी सेवाओं या विभागों से जुड़ी समस्याओं (जैसे- राशन, भूमि विवाद, पेंशन, पेयजल, बिजली आदि) के निवारण के लिए किस तरह बहुत ही आसान प्रक्रिया के तहत अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
• समयबद्ध निवारण (Right to Public Grievance Redressal):
अधिकारियों द्वारा बालिकाओं को बताया गया कि लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत प्रत्येक शिकायत के निष्पादन के लिए एक निश्चित समयावधि तय होती है। इस निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित अधिकारी को समस्या का समाधान करना अनिवार्य होता है।
• डिजिटल ट्रैकिंग एवं सुनवाई (Hearing & Tracking System):
छात्राओं ने देखा कि कैसे शिकायत दर्ज होने के बाद आवेदक घर बैठे अपनी शिकायत की अद्यतन स्थिति (Status) ट्रैक कर सकते हैं।
• इसके साथ ही, लोक शिकायत निवारण अधिकारी के समक्ष दोनों पक्षों की पारदर्शी सुनवाई की पूरी प्रक्रिया बालिकाओं को समझाई गई।
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समापन:
कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने इस प्रेरणादायक संवाद और व्यावहारिक भ्रमण के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। जिला अधिकारी महोदय ने सभी बालिकाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
Samrat Choudhary
CMO Bihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Bihar Education Department
ICDS Directorate Bihar
29 views | Nalanda, Bihar | Jul 25, 2026