दुर्गा पूजा एवं प्रतिमा विसर्जन को लेकर जिला पदाधिकारी तथा वरीय पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक,
विधि-व्यवस्था एवं भीड़ प्रबंधन को लेकर दिए गए सख्त निर्देश
छपरा, सारण।
दुर्गा पूजा के अवसर पर विधि-व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, रावण दहन एवं प्रतिमा विसर्जन की तैयारियों की समीक्षा को लेकर जिला पदाधिकारी, सारण श्री वैभव श्रीवास्तव तथा वरीय पुलिस अधीक्षक श्री रौशन कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखने तथा सभी आयोजनों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के निर्देश दिए गए।
जिला पदाधिकारी ने सोनपुर से लेकर मढौ़रा तथा सदर अनुमंडल सहित जिले के सभी प्रमुख पूजा पंडालों एवं रावण दहन स्थलों पर आज एवं कल संभावित भीड़ को देखते हुए विशेष क्राउड मैनेजमेंट प्लान तैयार कर उसके अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग, ड्रॉप गेट, ट्रॉली, पर्याप्त पुलिस बल एवं दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति करने तथा बड़े पूजा पंडालों का पुनः स्थल निरीक्षण कर आयोजकों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया। रावण दहन स्थलों पर सुरक्षित दूरी बनाए रखने, डबल बैरिकेडिंग सहित सभी सुरक्षा प्रबंधों को समय रहते दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में जिले में स्थापित लगभग 1,120 प्रतिमाओं के विसर्जन की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने अधिकतर प्रतिमाओं का विसर्जन 21 अक्टूबर तक संपन्न कराने का प्रयास करने तथा शेष विसर्जन जुलूसों का समापन भी 22 अक्टूबर तक सुनिश्चित करने का अनुरोध पूजा समितियों से करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि 23 अक्टूबर को सारण शिक्षक निर्वाचन से संबंधित मतदान निर्धारित है। इस कारण 22 अक्टूबर को संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्वाचन कार्य में अपने-अपने मतदान केंद्रों पर दायित्वों का निर्वहन करना होगा। ऐसे में प्रतिमा विसर्जन एवं जुलूसों की समयबद्ध समाप्ति सुनिश्चित करना आवश्यक है। 20 अक्टूबर को विभिन्न स्थानों पर निकलने वाले महावीरी झंडा जुलूसों को भी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए गए।
जिला पदाधिकारी ने सभी जुलूस मार्गों का अनिवार्य रूप से सत्यापन कराने, संवेदनशील स्थलों, मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों तथा मंदिर-मस्जिद के आसपास विशेष सतर्कता बरतने और आवश्यकतानुसार संबंधित पक्षों के साथ समन्वय बैठक करने को कहा।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में डीजे का उपयोग नहीं होगा। इस संबंध में पूजा समितियों को विधिवत नोटिस तामिला कराने तथा समिति के सक्रिय सदस्यों को नियमों के अनुपालन के लिए स्पष्ट रूप से निर्देशित करने को कहा गया। जुलूस के साथ पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, अंत तक प्रतिनियुक्त टीम की उपस्थिति तथा पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी एवं ड्रोन से निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील मार्गों पर मकान मालिकों को आवश्यक नोटिस देने, छतों का निरीक्षण कराने तथा जरूरत के अनुसार ऊंचे भवनों पर सुरक्षा कर्मियों की प्रतिनियुक्ति करने को भी कहा गया।
जिला पदाधिकारी ने भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस बल, दंडाधिकारियों, चौकीदारों एवं दफादारों की आवश्यकता के अनुरूप प्रतिनियुक्ति करने तथा पूजा समितियों के सहयोग से पर्याप्त स्वयंसेवकों, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी जुलूस बिना निगरानी के नहीं रहना चाहिए और प्रत्येक स्तर पर पदाधिकारी एवं पुलिस बल पूरी मुस्तैदी से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। सुरक्षा व्यवस्था के तहत रिविलगंज, डोरीगंज एवं सीढ़ी घाट सहित संबंधित स्थलों पर गोताखोरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा सभी आवश्यक बचाव प्रबंध रखने का निर्देश दिया गया। एसडीआरएफ की दो-दो राफ्ट अनुमंडल स्तर पर उपलब्ध रखने के साथ उनके संचालन के लिए आवश्यक वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पूजा पंडालों, रावण दहन स्थलों एवं विसर्जन मार्गों का पुनः निरीक्षण कर सभी कमियों को समय रहते दूर करें। प्रशासन का उद्देश्य है कि दुर्गा पूजा एवं संबंधित आयोजनों का समापन शांति, सुरक्षा, अनुशासन और आपसी सद्भाव के वातावरण में सुनिश्चित हो तथा श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
Saharsa, Bihar | Oct 19, 2026