हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए निर्माण कार्य में तेजी लाएं- कलेक्टर श्री यादव
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मल्टी विलेज जल प्रदाय योजना वेबस सुनार-2 का काम 60-65 प्रतिशत ही पूरा
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लापरवाही और देरी करने वाली एजेंसियों पर लगेगी अधिकतम पेनल्टी
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दमोह-छतरपुर के 351 गांवों में जलापूर्ति योजना की धीमी गति पर कलेक्टर सख्त, समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश
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दमोह और छतरपुर जिले के 351 गांवों में हर घर तक पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित लगभग 350 करोड़ रुपये की मल्टी विलेज जल प्रदाय योजना वेबस सुनार-2 की धीमी प्रगति पर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए परियोजना को समय-सीमा में पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को शासन की मंशा के अनुरूप योजना का लाभ मिल सके।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्वीकृत इस महत्वाकांक्षी परियोजना का कार्य वर्ष 2023 में प्रारंभ हुआ था और इसे वर्ष 2025 तक पूरा किया जाना निर्धारित था। हालांकि, वर्ष 2026 में भी योजना का कार्य लगभग 60 से 65 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। कई स्थानों पर पानी की टंकियों से जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है, जबकि फिल्टर प्लांट का निर्माण कार्य भी अभी शेष है। इस स्थिति को देखते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाने और कार्यरत टीमों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
कलेक्टर श्री यादव ने निर्देशित किया कि केवल एक टीम के माध्यम से कार्य कराने के बजाय निर्माण कार्य को अलग-अलग टीमों के जरिए समानांतर रूप से कराया जाए। इसके लिए प्रत्येक 10 टंकियों पर अलग-अलग सुपरवाइजर और निर्माण एजेंसियों को तैनात कर कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। इससे लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने और गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रारंभ करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा जल निगम के एमडी तथा पीएचई के अधिकारियों से भी अनुरोध किया जाएगा कि वे संबंधित निर्माण एजेंसी को कड़े निर्देश दें। आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि आम नागरिकों को निर्धारित समय पर पानी उपलब्ध हो सके।
श्री यादव ने कहा कार्य में देरी करने वाली एजेंसियों पर पेनल्टी लगाई जा रही है। यदि इसके बावजूद कार्य में तेजी नहीं लाई गई और देरी जारी रही, तो संबंधित एजेंसियों पर अधिकतम पेनल्टी आरोपित करने की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य है कि परियोजना के शेष निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कर दमोह और छतरपुर जिले के 351 गांवों में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण परिवारों को जल जीवन मिशन का वास्तविक लाभ मिल सके।
9 views | Damoh, Madhya Pradesh | Oct 23, 2026