प्रेस विज्ञप्ति
नालंदा
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आज दिनांक 16 जून 2026 को श्री कुंदन कुमार, जिला पदाधिकारी, नालंदा एवं श्री भारत सोनी, पुलिस अधीक्षक , नालंदा की संयुक्त अध्यक्षता में न्यू एन आईसी सभागार में राजकीय राजगीर मलमास मेला 2026 के सफल समापन के अवसर पर प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया ।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि अध्यात्म, आस्था एवं विरासत का अद्भुत संगम स्थली राजगीर में राजकीय मलमास मेला, 2026 का शुभारंभ दिनांक-17.05.2026 को ब्रह्मकुण्ड परिसर में ध्वजारोहण एवं मंत्रोच्चार के साथ माननीय मुख्यमंत्री, बिहार की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।
राज्य सरकार के निर्देशन में जिला प्रशासन एवं जिला पुलिस द्वारा मलमास मेला, 2026 की तैयारी माह फरवरी, 2026 से ही प्रारंभ कर दी गयी थी। कई बार सम्पूर्ण मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर पदाधिकारियों, पंडा समिति, स्थानीय संगठनों, हितधारकों के साथ बैठकें एवं विचार-विमर्श की गयी। निरीक्षण एवं बैठक में प्राप्त फीड बैंक के आधार पर सम्पूर्ण मेला क्षेत्र का डिजिटाईज्ड ले-आउट प्लान एवं महत्वपूर्ण स्थलों यथा- ब्रह्मकुण्ड परिसर, जिग-जैग, वैतरणी का अलग से डिजिटाईज्ड ले आउट प्लान तैयार कर योजनाबद्ध तरीके से मलमास मेला की तैयारी किया गया। इस दौरान राज्य सरकार एवं वरीय पदाधिकारियों से भी कई अहम सुझाव एवं सहयोग प्राप्त हुआ, जिसके कारण मलमास मेला की तैयारी काफी व्यवस्थित तरीके से सुनिश्चित कराने में मदद मिली।
जैसी मान्यता है कि मलमास मेला के दौरान 33 कोटि देवी-देवता ब्रह्मकुण्ड में निवास करते हैं, जो दिनांक-17.05.2026 से 15.06.2026 तक आयोजित इस मलमास मेला में आये श्रद्धालुओं की अपार भीड़ एवं उनकी आस्था इस मान्यता को और सशक्त करता है। दिनांक-27.05.2026, 31.05.2026 एवं 11.06.2026 को शाही स्थान के दिन साधु-संतो की समागम में असीम आनंद, उत्साह एवं उमंग का माहौल देखने को मिला तथा तीनों शाही स्थान के दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के द्वारा पवित्र कुंड में विशेष स्नान किया गया।
मलमास मेला, 2026 के अवसर पर आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के सुविधा हेतु जिला प्रशासन द्वारा सभी विभागों के सहयोग से आवासन, पेयजल, सुरक्षा, शौचालय, स्वास्थ्य, साफ-सफाई, यातायात, भीड़ नियंत्रण एवं कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं की गयीं। इसका फलाफल रहा है कि इस वर्ष लगभग 3,82,00,000 श्रद्धालुओं / पर्यटकों का राजगीर मलमास मेला में आगमन हुआ।
इस मेला में बिहार राज्य के अतिरिक्त महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, झारखण्ड, मध्यप्रदेश, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, असम सिक्किम, गुजरात के साथ-सथ नेपाल देश से काफी संख्या में पर्यटक / श्रद्धालु आये।
मलमास मेला, 2026 के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु कई तरह की व्यस्थाएं की गयीं, जिसकी संक्षिप्त विवरणी निम्नप्रकार है: -
मलमास मेला, 2026 में लगभग 3,82,00,000 (तीन करोड़ बेरासी लाख) पर्यटकों / श्रद्धालुओं ने मेला का भ्रमण किया एवं विभिन्न कुंडों / जल धाराओं में अस्था की डुबकी लगायी।
वी०वी०आई०पी०/वी०आई०पी० टेंट सिटी सहित कुल 15 आवासन स्थलों पर 13,87,912 (तेरह लाख सतासी हजार नौ सौ बारह) पर्यटकों / श्रद्धालुओं ने मेला में जिला प्रशासन द्वारा निर्मित अस्थायी आवासन व्यवस्था का लाभ लिया। गर्मी से राहत देने हेतु मिस्ट पंखा, पेयजल, कूलर सहित सी०सी०टी०वी०, रोशनी, शौचालय आदि मूलभूत सुविधा दी गई थी।
मलमास मेला, 2026 के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के परिपेक्ष्य में आपदा प्रबंधन /भीड़ प्रबंधन के मद्देनजर त्वरित प्रतिक्रया हेतु कुल 200 आपदा मित्रों की प्रतिनियुक्ति ब्रह्मकुण्ड परिसर, वैतरणी घाट, मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के सहयोग हेतु की गयी।
एस०डी०आरएफ०, स्काउट एंड गाईडकी भी प्रतिनियुक्ति भीड़ नियंत्रण एवं प्रबंधन हेतु की गयी।
1514 वृद्धजन/दिव्यांगजन श्रद्धालु जो ब्रह्मकुण्ड में स्नान के लिए आये थे, उन्हें आपदा मित्रों के सहयोग से व्हील चेयर से ले जाकर आस्थापूर्ण स्नान कराया गया।
अपने परिजन से बिछड़े 5969 पर्यटकों / श्रद्धालुओं एवं बच्चों को खोया-पाया के माध्यम से उनके परिजनों से मिलाया गया जिनमें 3110 महिला, 2273 पुरूष एवं 585 बच्चे हैं।
आपदा मित्रों ने अपनी तत्परता, संवेदनशीलता, सजगता, मानवीय संवेदना एवं कर्त्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए सत्यापरोपरांत कई श्रद्धालुओं का खोया हुआ कीमती सामान को वास्तविक स्वामी को वापस किया गया।
विधि-व्यवस्था संधारण हेतु 24x7 तीन पाली में कुल मिलाकर लगभग 1200 दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी तथा लगभग 5000 पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गयी जिनके द्वारा दिन-रात पूरी सजगता से अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन किया गया।
सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में साफ-सफाई व्यवस्था मेला के प्रारंभ से लेकर समाप्ति तक सराहनीय रही। इसके लिए कुल 656 सफाई कर्मी, 84 पर्यवेक्षक, 20-25 वाहन (ट्रैक्टर, टीपर), 57 वाहन वाहन चालक की प्रतिनियुक्ति की गयी।
मेला क्षेत्र में प्रतिदिन संगहित किये जा रहे ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित करते हुए उसे MRF एवं कम्पोस्टिंग प्लान्ट तक पहुंचाया जा रहा है, जहां अपशिष्ट का पृथक्करण, पुनर्चकरण एवं प्रसंस्करण निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जा रहा है।
ब्रह्मकुण्ड में स्नान हेतु देश भर से आये श्रद्धालुओं के कतारबद्ध होकर कुंड तक पहुंचने हेतु लगभग 01 कि०मी० लोहे का जिग-जैग बनाया गया, जिसमें भीड़ नियंत्रण के दृष्टिकोण से जगह-जगह प्रेशर प्वाईंट, नोड बनाकर भीड़ को रोकने की व्यवस्था की गयी। कतारबद्ध श्रद्धालुओं को पेयजल, गर्मी से राहत हेतु मिस्ट कूलर, मिस्ट फैन एवं पंखा की व्यवस्था कराया गया तथा जिग-जैग के पास कई एल०ई०डी० स्कीन लगाकर भक्ति गाना का प्रसारण कराया गया।
ब्रह्मकुण्ड, सप्तधारा एवं निकास द्वार पर प्रथम बार ऑडियो-वीजुअल कैमरा अधिष्ठापन कराकर श्रद्धालुओं के स्नान के दौरान भीड़-नियंत्रण व्यवस्थित तरीके से कराया गया।
मलमास मेला में अपार भीड़ बढ़ने पर आपदा प्रबंधन एवं भीड़ प्रबंधन के दृष्टिकोण से जिग-जैग के अतिरिक्त ब्रह्मकुण्ड प्रवेश द्वार मुख्य सड़क से स्वर्ण भंडार तक बैरिकेडिंग की व्यवस्था कराया गया। रेड कोरीडोर से बीमार लोगों एवं आकस्मिकता पर श्रद्धालुओं को त्वरित सुविधा दी गई।
आपदा एवं भीड़ प्रबंधन के दृष्टिकोण से रेड कोरीडोर, बफर जोन का भी निर्माण कराया गया। रेड कोरीडोर में केवल स्वास्थ्य, आपदा के कर्मियों को ही आवागमन की अनुमति थी।
स्वास्थ्य व्यवस्था हेतु 07 अस्थायी अस्पताल, 20 स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर, कुल 377 चिकित्सक एवं परामेडिकल कर्मी, 16 एम्बुलेंस, 04 चलंत चिकित्सा दल, 01 आई०सी०यू० की व्यवस्था की गयी।
सम्पूर्ण मेला अवधि के दौरान 1,05,419 श्रद्धालुओं (पु0-54,698, महिला-50465) का ईलाज किया गया तथा 256 श्रद्धालुओं उच्चतर स्वास्थ्य संस्थान को रेफर किया गया। जिग-जैग, ब्रह्मकुण्ड के उपर भीषण गर्मी के कारण बेहोस हुए 3376 श्रद्धालुओं को तगुंत चिकित्सीय सहायता प्रदान करते हुए उन्हें स्वस्थ्य किया गया।
सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था के दृष्टिकोण से सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में 426 सी०सी०टी०वी० कैमरा के माध्यम से निगरानी रखा गया।
श्रद्धाओं के सुलभता पूर्वक एवं कम दर पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने हेतु 25 दीदी की रसोई का संचालन किया गया जिसमें मात्र 35 रूपये प्रति प्लेट खाना खिलाया जा रहा था। पूरे एक माह में जीविका दीदी की रसोई के माध्यम से प्रति जीविका दीदी लगभग 1 लाख 75 हजार रूपये की दर से कुल 01 करोड़ 35 लाख रूपए से अधिक की कमाई हुई।
पटना, गया, नवादा, जहानाबाद आदि विभिन्न जिलों से बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के माध्यम से 03-03 बसों का परिचालन सुनिश्चित कराया गया, जिससे श्रद्धालुओं के आवागमन में काफी सुविधा हुई।
पी०एच०ई०डी० एवं नगर परिषद मिलाकर कुल 1000 अदद शौचालय की व्यवस्था की गयी। 30 जगहों पर 300 नल के साथ प्याउ, 125 स्टैंड पोस्ट का निर्माण कराया गया। मेला क्षेत्र में 20 अदद नये चापाकल का अधिष्ठापन एवं 60 पुराने चापाकलों की मरम्मति करायी गयी।
राजगीर शहर एवं आस-पास के क्षेत्रों में सुगम यातायात संचालन हेतु विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार कर सफलतापूर्वक लागू किया गया, जिससे भीड़ नियंत्रण एवं यातायात संचालन व्यवस्थित रहा।
अग्निशमन व्यवस्था के तहत 28 बड़ी एवं छोटी वाहन की प्रतिनियुक्ति की गयी। कुल 389 अग्निशमन पदाधिकारियों एवं कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गयी। मेला के दौरान घटित 24 अग्निकांड पर तुरंत नियंत्रण प्राप्त किया गया।
मेला के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने हेतु 05 कि०मी० कभर्ड वायर लगवाया गया। इसके अलावे विद्युत दुर्घटना से बचाव के दृष्टिकोण से विद्युत संरचनाओं को डायइलेकट्रीक पेंट कराया गया।
सम्पूर्ण मेला क्षेत्र अनुश्रवण हेतु मेला थाना क्षेत्र में केन्द्रीयकृत नियंत्रण कक्ष स्थापित कया गया था जिसमें सभी विभाग के कर्मी 24X7 प्रतिनियुक्ति किये गये थे। इसके अलावा ब्रह्मकुंड के उपर, ब्रह्मकुंड के नीचे एवं वैतरण घाट पर भी नियंत्रण कक्ष स्थापित किये गये थे।
मनोरंजन तथा कला एवं संस्कृति के संवर्धन हेतु मलामास मेला में प्रत्येक दिन सांस्कृति कार्यक्रम की प्रस्तुति कलाकारों द्वारा दी गयी ।
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पुलिस अधीक्षक श्री भारत सोनी ने बताया कि मेले के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी, ड्रोन सर्विलांस, यातायात प्रबंधन तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को प्रभावी रूप से संचालित किया गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन एवं पुलिस के समन्वित प्रयासों के कारण पूरा मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुआ।
मलमास मेला पूरी श्रद्धा, शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में पूरे जिले वासियों का भरपूर सहयोग मिला इसके लिए उन्होंने सभी को बधाइयां दी ।
इस अवसर पर नगर आयुक्त, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी , डीपीएम स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि गण आदि उपस्थित थे ।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
98 views | Nalanda, Bihar | Jun 16, 2026