केदारनाथ यात्रा में बिछुड़ी 60 वर्षीय महिला, लिंचोली पुलिस ने तत्परता दिखाकर सकुशल खोज निकाला!! भैरव गदेरे के पास परिजनों से बिछुड़ी थीं महाराष्ट्र निवासी मंगला बाई पाटिल, पुलिस ने परिजनों से संपर्क कर सोनप्रयाग भेजा!!
रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा में तैनात पुलिस एक बार फिर मुस्तैदी और संवेदनशीलता की मिसाल बनी है। केदारनाथ धाम से वापस लौटते समय अपने परिजनों से बिछुड़ी महाराष्ट्र निवासी 60 वर्षीय मंगला बाई पाटिल को लिंचोली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस की तत्परता से महिला को सुरक्षित सहायता उपलब्ध कराई गई और उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया गया।
जानकारी के अनुसार, मंगला बाई पाटिल केदारनाथ धाम से वापस लौट रही थीं। इसी दौरान भैरव गदेरे के पास वह अपने परिजनों से बिछुड़ गईं। महिला के आसपास घूमने की सूचना मिलते ही चौकी लिंचोली पुलिस सक्रिय हुई और तत्काल मौके पर पहुंचकर उनकी तलाश की। पुलिस टीम ने महिला को सकुशल बरामद कर आवश्यक जानकारी जुटाई तथा उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया। इसके बाद महिला को आवश्यक कार्रवाई के लिए कोतवाली सोनप्रयाग भेज दिया गया। वहां उनके परिजन महिला के सकुशल पहुंचने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
केदारनाथ धाम की दुर्गम पैदल यात्रा के दौरान भीड़ और कठिन रास्तों के बीच श्रद्धालुओं का अपने परिजनों से बिछुड़ जाना परेशानी का कारण बन सकता है। ऐसे में पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान अपने परिजनों के साथ रहें और विशेष रूप से बुजुर्गों का ध्यान रखें। किसी भी कारण से बिछुड़ने की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल नजदीकी पुलिस चौकी या सहायता केंद्र से संपर्क करें।
संदेश साफ है—बाबा केदार की यात्रा में आस्था के साथ सतर्कता भी जरूरी है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस की मुस्तैदी के साथ यात्रियों की जागरूकता भी अहम है।