बकरियों को जानलेवा संक्रामक बीमारी से बचाने के लिए मैदान में उतरा पशुपालन विभाग!!
216 बकरियों का टीकाकरण
बैंजी-काण्डई में चला विशेष अभियान,
पीपीआर रोग से बचाव के लिए पशुपालकों को किया जागरूक,
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और मंत्री सौरभ बहुगुणा के निर्देश पर तेज हुई पहल,,
रुद्रप्रयाग। ग्रामीण पशुपालकों की आजीविका पर संकट पैदा करने वाले संक्रामक पशु रोगों की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग ने गांवों में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। बकरियों को पीपीआर (पेस्ट डेस पेटिट्स रूमिनेंट्स) जैसी गंभीर संक्रामक बीमारी से बचाने के उद्देश्य से गुरुवार को बैंजी-काण्डई में विशेष जागरूकता एवं टीकाकरण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विभागीय टीम ने 216 बकरियों का टीकाकरण कर पशुधन की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा के निर्देश पर जनपद में संचालित जागरूकता एवं टीकाकरण अभियान के तहत पशुपालन विभाग की सचल इकाई रुद्रप्रयाग ने पशुपालकों को गांव में ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं। शिविर का मुख्य उद्देश्य पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाना, समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करना और पशुपालकों को बीमारी के प्रति सतर्क करना रहा।
पीपीआर बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण अहम,
पीपीआर भेड़-बकरियों में फैलने वाला गंभीर विषाणुजनित संक्रामक रोग है। इसकी चपेट में आने पर पशुओं को तेज बुखार, मुंह में घाव, आंख-नाक से स्राव और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर मामलों में पशुओं की मृत्यु तक हो सकती है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में समय पर टीकाकरण और बीमारी के लक्षण दिखने पर तत्काल पशु चिकित्सकीय सहायता लेना बेहद जरूरी है।
शिविर के दौरान पशुपालकों को पीपीआर रोग की रोकथाम, नियमित टीकाकरण, स्वच्छता और बकरियों के बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन की जानकारी दी गई। उन्हें पशुओं में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतने और तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर पशु चिकित्सक डॉ. रचना थपलियाल, पशुधन प्रसार अधिकारी सत्यदेव, वेटरनरी फार्मासिस्ट इंद्र लाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
विभाग की इस पहल का लक्ष्य पशुधन की सुरक्षा के साथ पशुपालकों की आजीविका को मजबूत करना और ग्रामीण क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना है।