*प्रभारी सचिव डॉ० आशिमा जैन ने बाढ़, सुखाड़, हीट वेव एवं पेयजल व्यवस्था की पूर्व तैयारी की समीक्षा की, जमीनी स्तर पर सतत अनुश्रवण एवं विभागीय समन्वय पर दिया विशेष बल*
आज दिनांक 03 जून 2026 को अपर सदस्य, राजस्व परिषद, बिहार सह प्रभारी सचिव, जहानाबाद डॉ० आशिमा जैन द्वारा समाहरणालय सभाकक्ष में बाढ़, संभावित सुखाड़, हीट वेव/लू एवं पेयजल व्यवस्था से संबंधित पूर्व तैयारी की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक की गई।प्रभारी सचिव द्वारा जिला आपदा प्रबंधन, जल संसाधन, लघु जल संसाधन, ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, नगर विकास, कृषि, पशुपालन, स्वास्थ्य, विद्युत एवं संबंधित विभागों की समीक्षा कर सभी को मानसून पूर्व सभी तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।
बैठक के दौरान प्रभारी सचिव द्वारा बिहार मौसम सेवा केंद्र द्वारा अधिष्ठापित Automatic Weather Station (AWS) से प्राप्त आंकड़ों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि वर्षा, जलस्तर एवं मौसम से संबंधित आंकड़ों का प्रखंड स्तर जिला सांख्यिकी पदाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी आपसी समन्वय कर सूचना का प्रचार आम जन तक पहुंचना सुनिश्चित करेंगे।
जल संसाधन विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव ने कटाव निरोधक कार्यों, नहरों की स्थिति एवं संवेदनशील स्थलों की तैयारी की जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि *सभी कटाव निरोधक कार्य मानसून पूर्व पूर्ण कर लिए जाएं तथा सभी प्रखंड के वरीय पदाधिकारी इसकी अपने स्तर पर स्थल जांच कर नियमित समीक्षा करेंगे।*
ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि सुखाड़ की स्थिति में तत्काल रोजगार उपलब्ध कराने हेतु 475 मनरेगा योजनाएं है तथा 121 जल संरक्षण योजनाओं का क्रियान्वयन तथा जिले में 2166 जलाशयों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं। *इस पर प्रभारी सचिव ने निर्देश दिया कि सुखाड़ एवं बाढ़ की दृष्टि से महत्वपूर्ण सभी योजनाओं की योजना-वार एवं स्थल-वार जांच प्रखंड स्तरीय वरीय पदाधिकारियों के माध्यम से सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित पदाधिकारी नियमित क्षेत्र भ्रमण कर कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का सतत अनुश्रवण करें तथा आवश्यकता अनुसार रैंडम निरीक्षण भी उप विकास आयुक्त द्वारा सुनिश्चित किया जाए।*
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की समीक्षा के दौरान विभाग द्वारा बताया गया कि *जिले में कुल 12,127 चापाकल स्थापित हैं तथा 1230 हर घर नल योजनाएं क्रियाशील हैं।* । इस पर प्रभारी सचिव ने निर्देश दिया कि सभी चापाकलों का निरीक्षण प्रखंड स्तरीय वरीय पदाधिकारियों, जिला स्तरीय पदाधिकारियों एवं पंचायत स्तरीय कर्मियों के माध्यम से सुनिश्चित कराया जाए, ताकि पेयजल आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहे। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि सभी खराब चापाकलों की शीघ्र मरम्मत कराई जाए तथा पेयजल योजनाओं का स्थल निरीक्षण करते हुए गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।
*साथ ही जिला प्रशासन द्वारा आमजनों से अपील की गई कि खराब चापाकल अथवा पेयजल संबंधी किसी भी समस्या की सूचना जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) के 24×7 कार्यरत दूरभाष संख्या 9431805088, 06114-295072 एवं 06114-295071 पर दर्ज कराई जा सकती है। इसके अतिरिक्त अनुमंडल स्तरीय नियंत्रण कक्ष संख्या 06114-223013 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।* साथ ही प्रभारी सचिव ने जिला आपदा प्रभारी को निर्देश दिया कि जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) को 24×7 सक्रिय रखते हुए तकनीकी उपकरणों एवं संचार व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम के माध्यम से सभी सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जाए।
नगर विकास विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव ने जल निकासी, नाला उड़ाही एवं शहरी पेयजल व्यवस्था की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी नगर निकाय मानसून पूर्व नाला उड़ाही कार्य पूर्ण करें तथा शहरी क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न न होने देने का निर्देश दिया।
बैठक के अंत में प्रभारी सचिव ने सभी प्रखंडों के वरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने प्रखंडों में संचालित विकासात्मक एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित गतिविधियों यथा सड़क निर्माण कार्य, मनरेगा योजनाएं, विद्यालय गतिविधियां, राहत शिविर स्थलों की तैयारी एवं अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की नियमित रूप से स्थल भ्रमण कर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।
बैठक में प्रभारी सचिव ने कहा कि आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी विभाग विभागीय SOP एवं निर्गत दिशा-निर्देशों के अनुरूप समन्वय स्थापित कर कार्य करें। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि क्षेत्रीय निरीक्षण, सतत अनुश्रवण एवं आपसी समन्वय के माध्यम से समग्र रणनीति एवं पूर्व तैयारी को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।उन्होंने कहा कि बाढ़ एवं सुखाड़ जैसी संभावित परिस्थितियों से निपटने हेतु सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी सुनिश्चित करें।
बैठक में जिला पदाधिकारी श्रीमती अलंकृता पाण्डेय, उप विकास आयुक्त डॉ० प्रीति, अपर समाहर्ता स्तरीय पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला स्तरीय पदाधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी भौतिक रूप से तथा प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी वीसी के माध्यम से उपस्थित थे।
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