"बाल कल्याण सर्वोपरि": म.प्र. बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा ने नीमच में ली समीक्षा बैठक
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जेजे बोर्ड-सीडब्ल्यूसी के प्रकरणों का तत्परता से करें निराकरण, बच्चों के लीगल फ्री व स्वरोजगार प्रशिक्षण पर जोर
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चाइल्ड हेल्पलाइन, शिशु गृह व बाल आश्रय गृह की व्यवस्थाओं की ली जानकारी, अधिकारियों को दिए निर्देश
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मध्य प्रदेश बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा एवं सदस्य सुश्री सोनम निनामा ने अपने नीमच प्रवास के दौरान मंगलवार को डाक बंगला, नीमच में जिलाधिकारियों और बाल संरक्षण संस्थाओं की संयुक्त बैठक ली।
➡️बाल हित संरक्षण को प्राथमिकता: बैठक में आयोग अध्यक्ष डॉ. शर्मा ने बाल संरक्षण संस्थाओं के पदाधिकारियों से चर्चा कर जेजे बोर्ड, बाल कल्याण समिति में दर्ज प्रकरणों, निराकृत प्रकरणों एवं लंबित प्रकरणों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि "बाल हित संरक्षण एवं बाल कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य करें" तथा सभी प्रकरणों का तत्परता से विधि अनुरूप निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बाल कल्याण एवं बाल हित संरक्षण को सर्वोपरि रखा जाए।
➡️प्रमुख बिंदुओं पर समीक्षा: डॉ. शर्मा ने चाइल्ड हेल्पलाइन, शिशु गृह, बाल आश्रय गृह में निवासरत बच्चों की संख्या, बच्चों को लीगल फ्री करने की प्रक्रिया, बच्चों के स्वरोजगार हेतु प्रशिक्षण की व्यवस्था आदि के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने संस्थाओं में बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
➡️प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत: प्रारंभ में जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री अंकिता पंड्या ने वन स्टॉप सेंटर, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड हेल्पलाइन, शिशु गृह, बाल आश्रय गृह 'किलकारी' एवं जिले में संचालित बाल कल्याण योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की प्रगति से आयोग को अवगत कराया।
➡️बैठक में उपस्थित: इस अवसर पर सुश्री विदिशा पाटीदार, सुश्री मीनू लालवानी, श्रीमती उषा गुप्ता, श्री प्रवीण शर्मा, श्री कमलेश ,सुश्री बैस सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी एवं बाल संरक्षण संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित थे।
#Neemuch
Department Of Women Child Development, Madhya Pradesh
Jansampark Madhya Pradesh