प्रधानमंत्री मोदी की कलाई पर बंधेगी पहाड़ की ‘भोजपत्र राखी’, उत्तराखंड की बहनों ने भेजा आत्मनिर्भरता का संदेश!!
भोजपत्र की राखी बनी आत्मनिर्भरता की पहचान!!
रुद्रप्रयाग की मातृशक्ति ने इस रक्षाबंधन पर परंपरा, संस्कृति और स्वरोजगार का अनूठा संगम पेश किया। केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल के नेतृत्व में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने भोजपत्र से तैयार विशेष राखियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजीं।
भोजपत्र से राखी… महिलाओं के हुनर से स्वरोजगार… लोकसंस्कृति से जुड़ाव… राष्ट्रसेवा के प्रति आत्मीय संदेश…
ऊखीमठ में मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना के तहत महिलाओं को भोजपत्र से राखी बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। महिलाओं ने अपने पारंपरिक हुनर और सृजनशीलता को आजीविका से जोड़ते हुए एक ऐसी पहल की, जो ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को जमीन पर साकार करती नजर आई।
विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कौशल को रोजगार से जोड़कर मातृशक्ति आर्थिक रूप से मजबूत हो रही है। भोजपत्र की राखी केवल रक्षाबंधन का धागा नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, महिला शक्ति और आत्मनिर्भरता का संदेश है।
एक राखी… कई संदेश— संस्कृति भी बचे, हुनर भी बढ़े और पहाड़ की बेटियां भी आत्मनिर्भर बनें।
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