*होलिरड़ा में राम-जानकी व तेजाजी महाराज की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा एवं तेजाजी व बालाजी मंदिर पर स्वर्ण कलश स्थापना के साथ महायज्ञ की हुई पूर्णाहुति*
*गांव में देखने को मिला भक्ति, आस्था और श्रद्धा का संगम*
भीलवाड़ा/आकोला :रमेश चन्द डाड क्षेत्र के होलिरड़ा गांव में मूर्ति व कलश स्थापना महोत्सव को लेकर नो दिवसीय सप्त कुण्डिय श्री राम र महायज्ञ के नवें दिन को राम-जानकी व तेजाजी महाराज की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा एवं तेजाजी - महाराज के शिखर व बालाजी मंदिर पर स्वर्ण कलश स्थापना के साथ - महायज्ञ की पूर्णाहुति हुई। ग्रामीणों ने बताया कि चारभुजानाथ मंदिर में श्री राम व जानकी जी की मूर्ति स्थापना, श्री हनुमानजी मंदिर पर कलश स्थापना एवं श्री वीर तेजाजी महाराज के नवनिर्मित मंदिर पर कलश और लीलण घोड़ी की स्थापना के उपलक्ष में नौ दिवसीय सप्त कुण्डिय श्री राम महायज्ञ की शुरूआत को भव्य कलश यात्रा व प्रभात फेरी के साथ हुई। हनुमान जी की गदा की बोली 31 हजार 500 रुपए
लादू लाल पिता नन्दलाल जाट ने लगाई। वही तुलसी माता के प्यार जितिया से भेरूलाल वैष्णव के यहां से मेरा लेकर आए जिनका ग्रामीण स्वागत सत्कार किया। यज्ञाचार्य गोपाललाल भट्ट दोवनी ने बताया कि नवें दिन स्थापित देवी देवताओं की पूजन एवं हवन किया गया। वहीं चारभुजा नाथ मंदिर में पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान राम-जानकी जी और तेजाजी मंदिर में तेजाजी महाराज की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा
की गई, वही चारभुजा नाथ, तेजाजी महाराज, बालाजी व भोलेनाथ मंदिर पर ध्वज दंड एवं गरुड़ घंटा की स्थापना की। तेजाजी महाराज के शिखर मंदिर एवं बालाजी मंदिर व पुराने तेजाजी महाराज के मंदिर पर स्वर्ण कलश की स्थापना की गई, इसके साथ ही तेजाजी मंदिर में तेजाजी सवार लीलण घोड़ी की स्थापना की एवं शिवालय में कार्तिक भगवान की मूर्ति की स्थापना की। इस दौरान महिलाओं ने मंगल गीत गए और गांव का माहौल भक्तिमय हो गया, श्रद्धा और आस्था का संगम
एक साथ देखने को मिला। आखरी दिन 9 हवन कुंड पर 71 जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ 71 हजार आहुतियां लगाई । वही महाआरती के साथ नौ दिवसीय महायज्ञ की पूर्णाहुति हुई । इसके बाद प्रसादी का भोग लगाकर भक्तों में प्रसादी का वितरण किया गया ।।
15 पंडितों ने 9 दिन में सफल किया महायज्ञ को
होलिरड़ा गांव में आयोजित दिवसीय सम कुण्डिय श्री राम महायज्ञ पूर्णाहुति हुई, यज्ञाचार्य गोपाल लाल भट्ट ने बताया कि नौ दिवसीय इस महायज्ञ को सफल बनाने के लिए 15 पंडितों ने पूजा अर्चना व वैदिक मंत्रोच्चार का पाठ किया, जिसमें पंडित भगवती शर्मा, शिव शर्मा, प्रहलाद शर्मा, अनमोल शास्त्री, लखन शर्मा, कमलेश शर्मा, विकास शर्मा, लोकेश शर्मा, भगवान शर्मा सहित सभी पंडितों ने महायज्ञ को सफल बनाने में अपना योगदान दिया, अलग-अलग
पंडितों को अलग-अलग साहित्य सोपा गया ।।
भक्तिमय भजनों पर झूमे श्रद्धालु, भौर तक चली भजन संध्या
महायज्ञ के आठवें दिन मंगलवार रात्रि को विशाल भजन का आयोजन हुआ, जिसमें भजन गायक कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भक्तिमय भजनों की प्रस्तुतियां दी। मंगलवार रात्रि को विशाल भजन संध्या की शुरुआत भजन गायक बालकिशन चौधरी ने गणपति वे गणेश वंदना के साथ की इसके बाद तेजाजी महाराज की महिमा का बखान किया। इसके बाद भजन गायिका कृष्णा चौधरी माशावास, दिनेश नायक गणेशपुरा व आयुष शर्मा आकोला ने एक से बढ़कर एक तेजाजी महाराज के भजनों की प्रस्तुतियां दी, जिस पर श्रद्धालु भाव विभोर होकर भक्ति के रस में डूब कर नाचने झूमने लगे, इस दौरान ईशू बाबू व सोनू ने अपने नृत्य से सबका मन मोह लिया, भजन संध्या भौर तक चली।