"जस्टिस फोर जारा खान-2" : 54,600 रुपये देने को तैयार हूं, फिर भी दुकान क्यों नहीं लौटाई जा रही? जारा खान ने उठाए सवाल। देखिये जारा खान द्वारा जारी वीडियो की दूसरी कड़ी।
दुमका में दुकान विवाद को लेकर जारा खान ने अंजुमन इस्लामिया सर मदरसा कमेटी पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वह लगातार किराया देती रही हैं और 54,600 रुपये की कथित बकाया राशि एकमुश्त जमा करने को भी तैयार हैं, लेकिन उनकी दुकान वापस नहीं की जा रही है।
जारा खान के प्रमुख आरोप और मांगें
* 54,600 रुपये बकाया देने की पेशकश के बावजूद दुकान वापस नहीं मिलने का आरोप।
* कमेटी के पदाधिकारियों के परिजनों को परिसर में 3-4 दुकानें आवंटित होने का दावा।
* बकाया राशि का सार्वजनिक हिसाब नहीं देने का आरोप।
* दिवंगत परिजनों का नाम पोस्टर में लगाकर मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने का आरोप।
* पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग।
* वर्तमान कमेटी को हटाकर नए सिरे से चुनाव कराने की अपील।
जारा खान ने सवाल उठाया कि जब अंजुमन संस्था अवाम की अमानत है, तो उसके संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही क्यों नहीं है?
अब देखना होगा कि अंजुमन कमेटी इन गंभीर आरोपों पर क्या जवाब देती है।
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