Public App Logo
Jansamasya
हादसा
News
Bjp
National
Police
Bihar
कांग्रेस
भाजपा
Congress
Modi
Delhi
Viral
Crime
Jharkhand
Up
Bollywood
दिल्ली
Breakingnews
Nitishkumar
Madhya_pradesh
सोशल_मीडिया
Mp
Nsui
Pmmodi
Rahulgandhi
Actor
Haryana
Uttarpradesh
Cbse
No video available

17 साल के लड़के ने की पढ़ाई के तनाव में आकर आत्महत्या उपचार के दौरान मृत घोषित किया गया #dindorinews #brekingnews

Dindori, Dindori | Apr 1, 2025

MORE NEWS

डिंडौरी में सनसनी: युवक ने खुद पर पेट्रोल डालकर लगाई आग, 75 प्रतिशत झुलसा, जबलपुर रेफर

मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिला मुख्यालय में बुधवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-1 निवासी 35 वर्षीय परसराम वनवासी ने अज्ञात कारणों के चलते अपने शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। घटना में वह गंभीर रूप से झुलस गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों एवं परिजनों ने तत्काल आग बुझाकर युवक को जिला अस्पताल डिंडौरी पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बताया कि युवक लगभग 75 प्रतिशत तक झुलस चुका है और उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। बेहतर उपचार के लिए उसे मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर किया गया है।

घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच प्रारंभ कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों एवं आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल आत्मघाती कदम उठाने के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

परिजनों का कहना है कि परसराम लंबे समय से अत्यधिक शराब सेवन का आदी था। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

इस घटना ने जिलेभर में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। परसराम की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जबलपुर में जारी है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।

#DindoriNews #BreakingNews #MadhyaPradesh #Dindori #Jabalpur #CrimeNews #ViralNews #LatestUpdate #MPNews #NationalNews #HindiNews #TrendingNews #PublicAlert #NewsHeadlines #BreakingMPNews

डिंडौरी में सनसनी: युवक ने खुद पर पेट्रोल डालकर लगाई आग, 75 प्रतिशत झुलसा, जबलपुर रेफर मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिला मुख्यालय में बुधवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-1 निवासी 35 वर्षीय परसराम वनवासी ने अज्ञात कारणों के चलते अपने शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। घटना में वह गंभीर रूप से झुलस गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों एवं परिजनों ने तत्काल आग बुझाकर युवक को जिला अस्पताल डिंडौरी पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बताया कि युवक लगभग 75 प्रतिशत तक झुलस चुका है और उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। बेहतर उपचार के लिए उसे मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच प्रारंभ कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों एवं आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल आत्मघाती कदम उठाने के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। परिजनों का कहना है कि परसराम लंबे समय से अत्यधिक शराब सेवन का आदी था। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। इस घटना ने जिलेभर में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। परसराम की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जबलपुर में जारी है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। #DindoriNews #BreakingNews #MadhyaPradesh #Dindori #Jabalpur #CrimeNews #ViralNews #LatestUpdate #MPNews #NationalNews #HindiNews #TrendingNews #PublicAlert #NewsHeadlines #BreakingMPNews

Dindori, Dindori | Jun 3, 2026

"आशा कार्यकर्ताओं ने फिर भरी हुंकार: समय पर भुगतान और सम्मानजनक मानदेय की उठी मांग"

मैदान में उतरी आशा-ऊषा एवं पर्यवेक्षक

प्रदेशव्यापी प्रदर्शन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, वेतन वृद्धि सहित नौ सूत्रीय रखी मांगे 

डिंडौरी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत आशा, ऊषा एवं आशा पर्यवेक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के नाम ज्ञापन सौंपा। आशा-ऊषा-आशा पर्यवेक्षक एकता यूनियन (सीटू) ने प्रोत्साहन राशि के नियमित भुगतान, वेतन वृद्धि तथा कार्य परिस्थितियों में सुधार की मांग करते हुए सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप की अपील की है।

यूनियन का आरोप है कि प्रदेशभर में आशा एवं आशा पर्यवेक्षकों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान कई बार महीनों तक लंबित रहता है तथा भुगतान में कटौती की शिकायतें भी लगातार सामने आती रही हैं। संगठन का कहना है कि भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं होने से कार्यकर्ताओं को यह जानकारी तक नहीं मिल पाती कि उनके खाते में कितनी राशि स्वीकृत हुई और कितनी राशि का भुगतान किया गया।

ज्ञापन में मांग की गई है कि आशा एवं पर्यवेक्षकों को प्रत्येक माह की 5 तारीख तक बिना किसी कटौती के नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही वेतन भुगतान की पारदर्शी व्यवस्था लागू करते हुए वेतन पर्ची उपलब्ध कराई जाए, जिसमें अर्जित राशि, कटौती और बकाया भुगतान का स्पष्ट उल्लेख हो।

यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि आशा कार्यकर्ताओं से कई बार गैर-विभागीय कार्य कराए जाते हैं, जिनका अतिरिक्त भुगतान नहीं किया जाता। आयुष्मान कार्ड निर्माण सहित विभिन्न अभियानों में कार्य करने के बावजूद उचित पारिश्रमिक नहीं मिलने की शिकायतें भी ज्ञापन में दर्ज की गई हैं।

संगठन ने आशा कार्यकर्ताओं को न्यूनतम 26 हजार रुपये मासिक वेतन देने, राज्य सरकार की ओर से तत्काल 10 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय प्रदान करने, रिक्त पदों पर भर्ती करने तथा सेवा समाप्ति संबंधी मामलों में न्यायसंगत प्रक्रिया अपनाने की मांग भी उठाई है।

यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष कविता सोलंकी एवं महासचिव पूजा कनौजिया ने कहा कि आशा और आशा पर्यवेक्षक ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण, जनजागरूकता और स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना आवश्यक है।

ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, कलेक्टर, सीएमएचओ एवं संबंधित अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आगामी दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

#ASHAWorkers #NHMMP #AshaUshaUnion #HealthWorkers #MadhyaPradesh #AshaProtest #HealthcareIndia #WomenEmpowerment #PublicHealth #DindoriNews #MPNews #NationalNews #HealthMission #AshaPayment #GroundReport #ViralNews #JanSwasthya #CMMohanYadav #NHMIndia #BreakingNews

"आशा कार्यकर्ताओं ने फिर भरी हुंकार: समय पर भुगतान और सम्मानजनक मानदेय की उठी मांग" मैदान में उतरी आशा-ऊषा एवं पर्यवेक्षक प्रदेशव्यापी प्रदर्शन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, वेतन वृद्धि सहित नौ सूत्रीय रखी मांगे डिंडौरी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत आशा, ऊषा एवं आशा पर्यवेक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के नाम ज्ञापन सौंपा। आशा-ऊषा-आशा पर्यवेक्षक एकता यूनियन (सीटू) ने प्रोत्साहन राशि के नियमित भुगतान, वेतन वृद्धि तथा कार्य परिस्थितियों में सुधार की मांग करते हुए सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप की अपील की है। यूनियन का आरोप है कि प्रदेशभर में आशा एवं आशा पर्यवेक्षकों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान कई बार महीनों तक लंबित रहता है तथा भुगतान में कटौती की शिकायतें भी लगातार सामने आती रही हैं। संगठन का कहना है कि भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं होने से कार्यकर्ताओं को यह जानकारी तक नहीं मिल पाती कि उनके खाते में कितनी राशि स्वीकृत हुई और कितनी राशि का भुगतान किया गया। ज्ञापन में मांग की गई है कि आशा एवं पर्यवेक्षकों को प्रत्येक माह की 5 तारीख तक बिना किसी कटौती के नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही वेतन भुगतान की पारदर्शी व्यवस्था लागू करते हुए वेतन पर्ची उपलब्ध कराई जाए, जिसमें अर्जित राशि, कटौती और बकाया भुगतान का स्पष्ट उल्लेख हो। यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि आशा कार्यकर्ताओं से कई बार गैर-विभागीय कार्य कराए जाते हैं, जिनका अतिरिक्त भुगतान नहीं किया जाता। आयुष्मान कार्ड निर्माण सहित विभिन्न अभियानों में कार्य करने के बावजूद उचित पारिश्रमिक नहीं मिलने की शिकायतें भी ज्ञापन में दर्ज की गई हैं। संगठन ने आशा कार्यकर्ताओं को न्यूनतम 26 हजार रुपये मासिक वेतन देने, राज्य सरकार की ओर से तत्काल 10 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय प्रदान करने, रिक्त पदों पर भर्ती करने तथा सेवा समाप्ति संबंधी मामलों में न्यायसंगत प्रक्रिया अपनाने की मांग भी उठाई है। यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष कविता सोलंकी एवं महासचिव पूजा कनौजिया ने कहा कि आशा और आशा पर्यवेक्षक ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण, जनजागरूकता और स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना आवश्यक है। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, कलेक्टर, सीएमएचओ एवं संबंधित अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आगामी दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। #ASHAWorkers #NHMMP #AshaUshaUnion #HealthWorkers #MadhyaPradesh #AshaProtest #HealthcareIndia #WomenEmpowerment #PublicHealth #DindoriNews #MPNews #NationalNews #HealthMission #AshaPayment #GroundReport #ViralNews #JanSwasthya #CMMohanYadav #NHMIndia #BreakingNews

Dindori, Dindori | Jun 3, 2026

Dindori, Madhya Pradesh | Jun 3, 2026

’’बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा, विभागों को दिए आवश्यक निर्देश’’

डिंडौरी आगामी मानसून एवं संभावित बाढ़ की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा आपदा प्रबंधन संबंधी तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति, आपदा प्रबंधन की तैयारियों तथा राहत एवं बचाव कार्यों की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक के दौरान जिले के प्रमुख बांधों की स्टोरेज क्षमता, वर्तमान जलभराव की स्थिति एवं गेट खोले जाने की स्थिति में प्रभावित होने वाले क्षेत्रों की जानकारी प्रस्तुत की गई। अधिकारियों को संभावित बाढ़ के कारणों का विश्लेषण कर समय रहते आवश्यक एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिला प्रशासन ने आमजन तक समय पर सूचना पहुंचाने के लिए चेतावनी तंत्र को मजबूत बनाने, पूर्व सूचना एवं प्रचार-प्रसार व्यवस्था को प्रभावी रखने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में राहत सामग्री की उपलब्धता, चिकित्सा एवं पशु चिकित्सा सेवाएं, पेयजल, स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई।

बैठक में अस्थायी राहत शिविरों की स्थापना, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, आपदा नियंत्रण कक्ष की सक्रियता तथा वर्षा ऋतु के दौरान जर्जर भवनों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बचाव एवं राहत कार्यों में उपयोग होने वाले उपकरणों की उपलब्धता की जानकारी लेने के साथ जनप्रतिनिधियों एवं बचाव दलों के प्रशिक्षण पर भी विशेष बल दिया गया।

जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को मानसून पूर्व आवश्यक तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करने तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सतर्क एवं तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। इससे संभावित आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को त्वरित और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी, डिप्टी कलेक्टर श्री वैधनाथ वासनिक, सयुंक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी ,तहसीलदार सहित संबंधित विभाग के  अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
#anjupawanbhadauria #डिंडौरी #JansamparkMP

’’बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा, विभागों को दिए आवश्यक निर्देश’’ डिंडौरी आगामी मानसून एवं संभावित बाढ़ की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा आपदा प्रबंधन संबंधी तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति, आपदा प्रबंधन की तैयारियों तथा राहत एवं बचाव कार्यों की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान जिले के प्रमुख बांधों की स्टोरेज क्षमता, वर्तमान जलभराव की स्थिति एवं गेट खोले जाने की स्थिति में प्रभावित होने वाले क्षेत्रों की जानकारी प्रस्तुत की गई। अधिकारियों को संभावित बाढ़ के कारणों का विश्लेषण कर समय रहते आवश्यक एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन ने आमजन तक समय पर सूचना पहुंचाने के लिए चेतावनी तंत्र को मजबूत बनाने, पूर्व सूचना एवं प्रचार-प्रसार व्यवस्था को प्रभावी रखने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में राहत सामग्री की उपलब्धता, चिकित्सा एवं पशु चिकित्सा सेवाएं, पेयजल, स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। बैठक में अस्थायी राहत शिविरों की स्थापना, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, आपदा नियंत्रण कक्ष की सक्रियता तथा वर्षा ऋतु के दौरान जर्जर भवनों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बचाव एवं राहत कार्यों में उपयोग होने वाले उपकरणों की उपलब्धता की जानकारी लेने के साथ जनप्रतिनिधियों एवं बचाव दलों के प्रशिक्षण पर भी विशेष बल दिया गया। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को मानसून पूर्व आवश्यक तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करने तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सतर्क एवं तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। इससे संभावित आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को त्वरित और प्रभावी बनाया जा सकेगा। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी, डिप्टी कलेक्टर श्री वैधनाथ वासनिक, सयुंक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी ,तहसीलदार सहित संबंधित विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। #anjupawanbhadauria #डिंडौरी #JansamparkMP

Dindori, Madhya Pradesh | Jun 3, 2026

#सिंहस्थ_महापर्व_2028 की तैयारियां शुरू, डिंडौरी पुलिस का विशेष प्रशिक्षण अभियान प्रारंभ

#श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपदा नियंत्रण पर दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण

डिंडौरी वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध सिंहस्थ महापर्व के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर डिंडौरी पुलिस ने अपनी तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार जिले के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के मार्गदर्शन में किया गया।

सिंहस्थ महापर्व में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल को आधुनिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सहायता, आपदा प्रबंधन, संचार कौशल एवं सॉफ्ट स्किल्स जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष फोकस किया जाएगा।

पुलिस विभाग द्वारा यह प्रशिक्षण टीओटी (ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स) मॉडल के तहत चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जाएगा, जिससे जिले के शत-प्रतिशत पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा सके। प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस बल को बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रभावी एवं संवेदनशील तरीके से दायित्वों के निर्वहन के लिए तैयार करना है।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक आशीष खरे ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे आयोजनों में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। बेहतर प्रशिक्षण से पुलिस बल की कार्यकुशलता बढ़ेगी और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।

कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रशिक्षण की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। साथ ही पुलिस कर्मियों को अनुशासन, समर्पण और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अमित वर्मा, एसडीओपी डिंडौरी सतीश द्विवेदी, थाना प्रभारी कोतवाली दुर्गा प्रसाद नगपुरे, प्रभारी रक्षित निरीक्षक कुवंर सिंह ओलाडी सहित जिले के अनेक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर डिंडौरी पुलिस का यह प्रशिक्षण अभियान भविष्य की चुनौतियों से निपटने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है ।
#Simhastha2028 #DindoriPolice #UjjainSimhastha #MPPolice #PoliceTraining #PublicSafety #AshishKhare #LawAndOrder #SecurityManagement #TrafficManagement #DisasterManagement #MadhyaPradesh #DindoriNews #PositiveNews #NationalNews #PolicePreparedness #TrainingOfTrainers #SimhasthaMela #IndiaNews #ViralNews

#सिंहस्थ_महापर्व_2028 की तैयारियां शुरू, डिंडौरी पुलिस का विशेष प्रशिक्षण अभियान प्रारंभ #श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपदा नियंत्रण पर दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण डिंडौरी वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध सिंहस्थ महापर्व के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर डिंडौरी पुलिस ने अपनी तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार जिले के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के मार्गदर्शन में किया गया। सिंहस्थ महापर्व में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल को आधुनिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सहायता, आपदा प्रबंधन, संचार कौशल एवं सॉफ्ट स्किल्स जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष फोकस किया जाएगा। पुलिस विभाग द्वारा यह प्रशिक्षण टीओटी (ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स) मॉडल के तहत चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जाएगा, जिससे जिले के शत-प्रतिशत पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा सके। प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस बल को बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रभावी एवं संवेदनशील तरीके से दायित्वों के निर्वहन के लिए तैयार करना है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक आशीष खरे ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे आयोजनों में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। बेहतर प्रशिक्षण से पुलिस बल की कार्यकुशलता बढ़ेगी और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रशिक्षण की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। साथ ही पुलिस कर्मियों को अनुशासन, समर्पण और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अमित वर्मा, एसडीओपी डिंडौरी सतीश द्विवेदी, थाना प्रभारी कोतवाली दुर्गा प्रसाद नगपुरे, प्रभारी रक्षित निरीक्षक कुवंर सिंह ओलाडी सहित जिले के अनेक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर डिंडौरी पुलिस का यह प्रशिक्षण अभियान भविष्य की चुनौतियों से निपटने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है । #Simhastha2028 #DindoriPolice #UjjainSimhastha #MPPolice #PoliceTraining #PublicSafety #AshishKhare #LawAndOrder #SecurityManagement #TrafficManagement #DisasterManagement #MadhyaPradesh #DindoriNews #PositiveNews #NationalNews #PolicePreparedness #TrainingOfTrainers #SimhasthaMela #IndiaNews #ViralNews

Dindori, Dindori | Jun 3, 2026

17 साल के लड़के ने की पढ़ाई के तनाव में आकर आत्महत्या उपचार के दौरान मृत घोषित किया गया #dindorinews #brekingnews - Dindori News