आचार संहिता के बीच अजमेर डिस्कॉम में ‘अतिरिक्त चार्ज’ का खेल!
भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल
आचार संहिता लागू होने और निगम में स्थानांतरण पर रोक के बावजूद अजमेर डिस्कॉम में 25 अगस्त 2026 को अधिकारियों के अतिरिक्त चार्ज में बदलाव का आदेश जारी किए जाने से सवाल खड़े हो गए हैं।
आदेश के तहत अधिशासी अभियंता रतनाल वीरवाल को गंगापुर के अतिरिक्त चार्ज से हटाकर मांडल का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया, जबकि अधिशासी अभियंता नमो नारायण मीणा (मीटर) को गंगापुर का अतिरिक्त चार्ज दिया गया।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आचार संहिता लागू है और निगम में स्थानांतरण पर रोक है, तो फिर अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में इस तरह का बदलाव किस नियम और किस अनुमति के आधार पर किया गया?
बताया जा रहा है कि मांडल और गंगापुर दोनों जगह पहले से ही अधिकारियों के पास चार्ज मौजूद है। ऐसे में अतिरिक्त चार्ज के नाम पर यह फेरबदल आखिर क्यों किया गया? क्या यह सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था है या फिर आचार संहिता की आड़ में नियमों को दरकिनार करने का प्रयास?
आचार संहिता में आखिर किसकी अनुमति से चला तबादले जैसा यह खेल?
यदि इसे स्थानांतरण नहीं माना जाता, तो अधिकारियों के अतिरिक्त चार्ज में बदलाव की जरूरत और औचित्य सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि अजमेर डिस्कॉम और संबंधित सक्षम अधिकारी इस आदेश के पीछे का आधार क्या बताते हैं और क्या निर्वाचन विभाग से इसकी पूर्व अनुमति ली गई थी।
आचार संहिता में नियम सबके लिए समान हैं—फिर अजमेर डिस्कॉम में यह विशेष छूट किस आधार पर?