चारभुजा मंदिर में श्रीराम कथा महोत्सव का शुभारंभ, श्रद्धा और भक्ति के साथ निकली भव्य कलश यात्रा
डीडवाना।शहर के प्राचीन एवं प्रसिद्ध चारभुजा मंदिर में आयोजित होने वाली नौ दिवसीय श्रीराम कथा के शुभारंभ अवसर पर रविवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। धार्मिक उल्लास और भक्तिमय वातावरण के बीच निकली इस कलश यात्रा में महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर धर्म के प्रति अपनी आस्था का परिचय दिया।
कलश यात्रा का शुभारंभ दधिमती माता मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके बाद यात्रा सदर बाजार, रामेश्वर महादेव मंदिर, पंडित जी के अस्पताल मार्ग सहित शहर के प्रमुख रास्तों से होकर चारभुजा मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर सिर पर मंगल कलश रखे हुए थे, वहीं पुरुष श्रद्धालु भजन-कीर्तन और जयघोष करते हुए चल रहे थे। "जय श्रीराम" और "सीताराम" के उद्घोषों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया। धार्मिक ध्वज, सजाए गए कलश और भक्तों की उमड़ी भीड़ ने पूरे आयोजन को आकर्षक और आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान किया। यात्रा के समापन पर चारभुजा मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना की गई तथा रामकथा के सफल आयोजन की कामना की गई।आयोजन समिति के अनुसार श्रीराम कथा का वाचन प्रसिद्ध कथावाचक पंडित आनंद दाधीच द्वारा किया जाएगा। वे व्यासपीठ से भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, भक्ति और धर्म के विभिन्न प्रसंगों का रसपान श्रद्धालुओं को कराएंगे। कथा का आयोजन 7 जून से 15 जून 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक किया जाएगा।आयोजकों ने बताया कि कथा के माध्यम से समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं। उन्होंने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से कथा में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने की अपील की।
कलश यात्रा एवं आयोजन में जगदीश पुजारी, प्रकाश पुजारी, रमेश दाधीच, मुकेश दाधीच, सुरेश दाधीच, राजेंद्र पसारी, मोहित दाधीच, नारायण सोनी, बालकृष्ण सोनी, देवजी सोनी, रामनिवास सोनी, प्रभुजी पटवारी, राजेंद्र प्रसाद शर्मा, प्रभात जैन सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।