टाटीझरिया: टाटीझरिया के अमनारी में 48 घंटे बाद भी मलबे में पड़े दो किलो चांदी के सिक्के उठाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे परिजन
टाटीझरिया के अमनारी में 48 घंटे बाद भी मलबे में पड़े दो किलो चांदी के सिक्के उठाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे परिजन। आधुनिक दौर में भी 200 साल पुराने शाप के साये में परिवार, पूर्व की दुखद घटनाओं और अनहोनी के डर का है मनोवैज्ञानिक असर। एक तरफ दुनिया डिजिटल क्रांति और आधुनिक विज्ञान के दौर में जी रही है, वहीं अमनारी गांव में मन में बैठा खौफ चेतना पर हावी है।