चमोली में भालू का खौफ: भालू के हमले में बुरी तरह घायल ग्रामीण से मिले पूर्व मंत्री राजेंद्र भंडारी,
जंगल से खेत-खलिहान तक दहशत, हमलों से ग्रामीणों में आक्रोश!!
चमोली जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भालू का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। जंगल और आबादी के बीच बढ़ती आवाजाही के चलते ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भालू के हमलों में अब तक कई ग्रामीण घायल हो चुके हैं, जबकि कई लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल है। लोग खेतों और जंगलों में जाने से भी डरने लगे हैं।
भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल ग्रामीण का हाल जानने के लिए पूर्व मंत्री राजेंद्र भंडारी पहुंचे। उन्होंने घायल ग्रामीण से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और उसके स्वास्थ्य के संबंध में परिजनों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि ग्रामीण लगातार भालू के आतंक के साए में जीवन जीने को मजबूर हैं। ऐसे में वन विभाग और प्रशासन को महज औपचारिक कार्रवाई के बजाय ठोस और प्रभावी कदम उठाने होंगे।
उन्होंने कहा कि भालू के हमलों की बढ़ती घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रभावित क्षेत्रों में भालुओं की लगातार निगरानी, संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम और हमलावर वन्यजीवों से निपटने के लिए तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि भालू का भय अब घर की चौखट तक पहुंच गया है। खेतों में काम करने और जंगल से चारा-पत्ती लाने वाले ग्रामीण सबसे अधिक जोखिम में हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि भालू के आतंक से निजात दिलाने के लिए स्थायी समाधान किया जाए, ताकि ग्रामीण बिना भय के अपनी रोजमर्रा की जिंदगी जी सकें।