एक पत्रकार के तौर पर मोकामा के इस नए रेल ब्रिज को निर्माण के शुरुआती दौर से लेकर इस पर ट्रेनों के दौड़ने तक लगातार कवर करना मेरे लिए सिर्फ एक असाइनमेंट नहीं, बल्कि एक लंबी यात्रा रही है।
कभी गंगा की तेज धारा के बीच पिलर बनते देखे, कभी विशाल स्टील स्ट्रक्चर को आकार लेते हुए रिकॉर्ड किया और फिर धीरे-धीरे इस पूरे ब्रिज को तैयार होते देखा। हर चरण में कैमरा साथ रहा और कोशिश रही कि इस मेगा प्रोजेक्ट की हर महत्वपूर्ण तस्वीर आप तक पहुंचाई जाए।
आज जब वंदे भारत, नमो भारत और दूसरी ट्रेनें इस नए रेल ब्रिज से गुजर रही हैं, तो उन सभी पुराने दिनों की तस्वीरें एक बार फिर आंखों के सामने आ जाती हैं।
एक पत्रकार और वीडियो क्रिएटर के लिए इससे बड़ी खुशी क्या होगी कि जिस प्रोजेक्ट को वर्षों तक बनते हुए रिकॉर्ड किया, आज उसी पर रेलगाड़ियां दौड़ती हुई अपने कैमरे में कैद कर रहे हैं।
मोकामा का यह रेल ब्रिज सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, हमारे कैमरे में दर्ज कई वर्षों की एक पूरी कहानी है।
Bihar, India | Oct 7, 2026