राजस्व लक्ष्य में अपेक्षित वृद्धि के साथ
बकाया वसूली एवं निरोधात्मक कार्रवाई को गति दें - नमित मेहता
आबकारी आयुक्त ने विभागीय समीक्षा वीसी में अधिकारियों को दिए निर्देश
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उदयपुर, 7 सितंबर। आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने कहा कि प्रदेश सरकार की अपेक्षा के अनुरूप राजस्व लक्ष्य की पूर्ण प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए योजनाबद्ध रूप से दैनिक समीक्षा कर आपसी समन्वय से कार्य करेंगे तो वांछित लक्ष्य पूर्ण किए जा सकेंगे। राजस्व लक्ष्य में जो जिले पिछडे़ है वे आकलन करते हुए सुधार करते हुए राज्य के राजस्व वृद्धि औसत के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करेंगे। आबकारी आयुक्त विडियों काॅफ्रेंस के माध्यम से विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभागीय समीक्षा वीसी में राजस्व, बंदोबस्त, बकाया वसूली, निरोधात्मक गतिविधियों के संबंध में विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक निर्देश प्रदान किए।
आबकारी आयुक्त ने वीसी में जोन स्तर, आबकारी अधिकारी एवं जिलावार राजस्व प्रगति आंकड़ों की समीक्षा करते हुए कहा कि गत वर्ष की तुलना में राजस्व अर्जन में प्रदेश का जुलाई में 18 प्रतिशत एवं अगस्त में 11 प्रतिशत वृद्धि का रहा है इससे कम की वृद्धि स्वीकार्य नही है संबंधित की जिम्मेवारी तय की जाएगी। वीसी में राजस्व अर्जन में संतोषजनक वृद्धि के लिए डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर, श्रीगंगानगर, जयपुर ग्रामीण, टोंक, राजसमन्द, जोधपुर, पाली, नागौर एवं बारां जिलों को सराहा गया। इसी क्रम में जैसलमैर, धौलपुर, जयपुर सिटी, हनुमानगढ़, टोंक, बाड़मेर, अलवर जिलों को अपेक्षा अनुरूप राजस्व वृद्धि के लिए निर्देशित किया गया। वीसी में संबंधित डीइओ, सीआई एवं पीओ को सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
बाकियात वसूली के संबंध में आबकारी आयुक्त ने कहा कि अब तक प्रदेश में 62 करोड़ रूपए की बकाया वसूली की गई है जो अपेक्षा के अनुरूप नही है कई जिलों में इस कार्य को गति देने की आवष्यकता है। जिले बकाया वसूली के लिए सम्पत्ति अटैच, कुर्की की प्रक्रिया को गति प्रदान करते हुए सम्पत्ति नीलामी प्लान दिनांक सहित मुख्यालय भिजवाना सुनिश्चित करेंगे। इस दौरान बकाया वसूली में पिछड़ रहे जिले भरतपुर, झालवाड़, करौली, झुंझुनूं, अलवर, प्रतापगढ़, बूंदी, सवाई माधोपुर, पाली, कोटपुतली-बहरोड़ को वांछित बकाया वसूली प्रगति के लिए निर्देशित किया गया। वीसी में मदिरा उठाव में कमजोर रहे जिलों को सर्कलवार माॅनिटरिंग कर आवश्यक प्रगति प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।
आबकारी आयुक्त ने कहा कि निकाय चुनावों के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता की पालना के लिए आबकारी विभाग की निरोधात्मक गतिविधियों में वृद्धि कर अवैध मदिरा के निर्माण, भण्डारण, विक्रय एवं परिवहन पर पुख्ता कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने आचार संहिता के दौरान उदयपुर में 4 हजार लीटर स्पिरिट जब्त करने, जयपुर सहित कुछ जिलों में बड़ी निरोधात्मक कार्यवाहियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में सजगता से कार्य करते हुए अवैध मदिरा पर प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए इस कार्य में कोताही नही होनी चाहिए। आबकारी आयुक्त ने कहा कि प्रदेश में 12 से 30 सितंबर तक विशेष निरोधात्मक अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान सहित अगस्त माह में निरोधात्मक गतिविधियों के तहत वांछित कार्य नही करने वाले कार्मिकों व अधिकारियों पर नियमानुसार चार्जशीट की कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में मदिरा तस्करी से जुड़े आदतन अपराधियों के फोन पुलिस की सहायता से सर्विलांस पर लेकर नियमित जांच करें, मुखबिर तंत्र को सुदृढ़ कर शराब तस्करों पर ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए। वीसी में शेष रही मदिरा दुकानों के बंदोबस्त के संबंध में भी संबंधित जिलों से चर्चा कर निर्देश दिए।
वीसी में अतिरिक्त आबकारी आयुक्त प्रदीप सिंह सांगावत ने पीपीटी प्रजेन्टेशन के माध्यम से जिलेवार लक्ष्य व प्रगति के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन प्रभा गौतम, वित्तिय सलाहकार सुनिता विजय, उपायुक्त ईपीएफ प्रद्युम्न सिंह चुण्डावत सहित प्रदेश के समस्त जोन के अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, उपायुक्त ईपीएफ, जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक, प्रहराधिकारी मौजूद रहे।
Girwa, Udaipur | Sep 7, 2026