*"खेत बचाओ अभियान" के तहत किसान गोष्ठी का आयोजन*
*प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा जल संरक्षण का दिया संदेश*
सलूंबर, 05 जून। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित "खेत बचाओ अभियान" के अंतर्गत गुरुवार को जिले की जयसमंद झील स्थित रूठी रानी महल परिसर में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
गोष्ठी के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया तथा रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। अधिकारियों ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का अनियंत्रित उपयोग मानव स्वास्थ्य, पशु-पक्षियों एवं अन्य जीव-जंतुओं के साथ-साथ मृदा की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
किसानों को रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में कमी लाते हुए वर्मी कम्पोस्ट खाद, जैविक खाद एवं अन्य प्राकृतिक उत्पादों के उपयोग की सलाह दी गई। साथ ही प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया गया, जिससे भूमि की उर्वरता एवं पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखा जा सके।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण एवं संतुलन के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। किसानों को अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" के तहत उपस्थित किसानों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। किसानों ने जल स्रोतों के संरक्षण, जल के विवेकपूर्ण उपयोग तथा वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
गोष्ठी में कृषि विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।