निमड़ी में पंचफल पौधारोपण घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की मांग
पूर्व विधायक रणधीर सिंह भीण्डर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिला कलक्टर को सौंपा ज्ञापन
उदयपुर। ग्राम पंचायत चारगदिया के निमड़ी गांव में मनरेगा योजना के तहत हुए पंचफल पौधारोपण एवं रखरखाव कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और संदिग्ध अग्निकांड की उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर ग्रामीणों ने पूर्व विधायक रणधीर सिंह भीण्डर के नेतृत्व में जिला कलक्टर उदयपुर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम निमड़ी में वर्ष 2021 से 2025 के बीच मनरेगा योजना के अंतर्गत पंचफल पौधारोपण, चारागाह विकास एवं रखरखाव कार्यों पर करीब 42 लाख रुपये खर्च किए गए। लेकिन सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिनसे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका व्यक्त की गई है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि डिजिटल एस्टिमेट के अनुसार रखरखाव एवं निगरानी (वॉच एंड वार्ड) कार्य के लिए 4 लाख 98 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से लगभग 2 लाख 79 हजार रुपये श्रम मद में खर्च दर्शाए गए। जबकि सामाजिक अंकेक्षण के दौरान मौके पर किसी प्रकार की नियमित निगरानी व्यवस्था नहीं पाई गई। ग्रामीणों का आरोप है कि यह राशि फर्जी तरीके से खर्च दर्शाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया हो सकता है।
सामाजिक अंकेक्षण में पौधारोपण स्थल पर पौधों का जीवित प्रतिशत भी अपेक्षा से कम पाया गया। कई स्थानों पर तारबंदी क्षतिग्रस्त मिली तथा रखरखाव कार्य स्वीकृत उद्देश्यों के अनुरूप नहीं होने की बात सामने आई। ग्रामीणों का कहना है कि रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में काफी अंतर पाया गया है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सामाजिक अंकेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत होने के कुछ समय बाद, 19 मई 2026 को पंचफल क्षेत्र में अचानक आग लग गई, जिससे पूरे पौधारोपण क्षेत्र और अधिकांश पौधे जलकर नष्ट हो गए। ग्रामीणों ने इस घटना को संदेहास्पद बताते हुए कहा कि यह आग अनियमितताओं को छिपाने के उद्देश्य से लगाई गई हो सकती है। हालांकि मामले में अब तक ग्राम पंचायत द्वारा कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं करवाई गई है, जिससे संदेह और गहरा गया है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया कि पंचफल विकास कार्य के एक बिल में दो गेटों के नाम पर लगभग 44 हजार रुपये का भुगतान किया गया, जबकि वर्तमान में मौके पर केवल एक ही गेट मौजूद है। इस तथ्य को भी जांच के दायरे में शामिल करने की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पंचफल विकास कार्य में हुए कुल खर्च, रखरखाव एवं निगरानी मद में किए गए भुगतान, मास्टर रोल, माप पुस्तिका, भुगतान रिकॉर्ड तथा अग्निकांड की परिस्थितियों की विस्तृत जांच करवाई जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और उन्होंने हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जनता के धन की सुरक्षा के लिए पूरे प्रकरण का खुलासा होना आवश्यक है। इस दौरान रामलाल, पिंटू, लोकेश, कालु रावत, हीरालाल, राधेश्याम, नाथुलाल, भगवती, हीरालाल, राजेन्द्र टीलावत, गंगाराम, बंशीलाल, हेमंत, राजेन्द्र सहित ग्रामीण उपस्थित थे।