पीलीबंगा: ईद-ए-मिलादुन्नबी पर भाईचारे का अनूठा संदेश, तिरंगे के साथ निकाला गया भव्य जलसा
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पीलीबंगा (हनुमानगढ़): पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिवस 'ईद-ए-मिलादुन्नबी' के पावन अवसर पर पीलीबंगा मंडी में सांप्रदायिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता की एक मिसाल पेश की गई। जामा मस्जिद पीलीबंगा से एक भव्य जलसा निकाला गया, जिसमें शिरकत करने वाले अकीदतमंदों ने भाईचारे का गहरा संदेश दिया। जलसे का समापन मंडी स्थित कब्रिस्तान में ईदगाह मैदान में अमन और चैन की सामूहिक दुआ के साथ हुआ।
शनिवार को पीलीबंगा में जामा मस्जिद के मुख्य द्वार से जलसे का आगाज़ हुआ। मस्जिद के गेट पर एक विशाल स्वागत बैनर के साथ 'जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी' और 'पैगंबर मोहम्मद साहब के 1501वें जन्म मुबारक' दी गई। वही मस्जिद को फूलों के तोरण और रंगीन झालरों से सजाया गया था। जलसे में बड़ी संख्या में युवा, बुजुर्ग और बच्चे शामिल हुए, जो नात-ए-शरीफ और सलातो-सलाम पढ़ते हुए चल रहे थे।
इस वर्ष के जलसे की एक अत्यंत खास और सराहनीय बात यह रही कि जामा मस्जिद से शुरू होकर ईदगाह (कब्रिस्तान) तक के पूरे मार्ग पर अकीदतमंद भारत का राष्ट्रीय ध्वज, 'तिरंगा' गर्व से लहराते हुए चल रहे थे। धार्मिक जलसे में तिरंगे का शामिल होना न केवल लोगों के देशभक्तिपूर्ण उत्साह को दर्शाता है, बल्कि यह देश में विद्यमान एकता और विविधता का एक सशक्त प्रतीक भी बना। यह दृश्य विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहा और इसने उपस्थित लोगों के दिलों में राष्ट्रीय गौरव की भावना को और प्रगाढ़ किया।
सजावटी गाड़ियों और धार्मिक पोस्टरों से सजे इस जलसे ने शहर के मुख्य बाज़ारों और मार्गों से होकर गुज़रते हुए एक उत्सवपूर्ण माहौल बना दिया। रास्ते में कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने जलसे का स्वागत किया और भाईचारे का आदान-प्रदान किया।
शहर का भ्रमण करने के बाद, जलसा पीलीबंगा मंडी स्थित कब्रिस्तान के पास ईदगाह मैदान पहुँचा। यहाँ एकत्रित जनसमूह ने देश में अमन, चैन, तरक्की और आपसी सौहार्द के लिए हाथ उठाकर सामूहिक दुआ माँगी। इसके पश्चात, सभी उपस्थित लोगों को मिठाइयाँ बाँटी गईं और एक-दूसरे को ईद-ए-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी गई।
जलसे के शांतिपूर्ण और सुरक्षित आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान पुलिस की ओर से चाक-चौबंद इंतज़ाम किए गए थे। पुलिस की एक गाड़ी जलसे के आगे-आगे और साथ-साथ एस्कॉर्ट करती हुई नज़र आई। प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल पूरी तरह से तैनात रहे, जिससे व्यवस्था बनी रही और जलसा शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
यह कार्यक्रम पीलीबंगा के निवासियों द्वारा सांप्रदायिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।