*संत नामदेव जी की भक्ति से मिली सदाचार और सत्संग की प्रेरणा*
*भक्तमाल कथा के तृतीय दिवस उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, भजनों पर झूमे भक्त*
भीलवाड़ा/आकोला: रमेश चन्द डाड पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर बरूदनी के रामद्वारे में आयोजित सात दिवसीय भक्तमाल कथा के तृतीय दिवस संत शिरोमणि नामदेव महाराज के जीवन चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति रस का आनंद लेते हुए संतों के आदर्श जीवन से प्रेरणा ग्रहण की। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे तथा पूरे वातावरण में भक्ति और श्रद्धा की सरिता प्रवाहित होती रही।
कार्यक्रम के मुख्य यजमान रामनारायण , कृष्ण गोपाल , बनवारीलाल एवं केसरीमल सोमानी परिवार रहे। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कथा का शुभारंभ किया। कथा वाचक पूज्य गुरुदेव ने संत नामदेव महाराज के जीवन के विभिन्न प्रेरणादायक प्रसंगों का वर्णन करते हुए बताया कि सच्ची भक्ति में अहंकार का कोई स्थान नहीं होता। भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण, निष्काम सेवा और नाम स्मरण ही जीवन को सफल बनाते हैं।
कथा के दौरान उन्होंने कहा कि सत्संग का वास्तविक उद्देश्य मनुष्य के मन में व्याप्त बुराइयों, कुसंस्कारों और नकारात्मक विचारों को समाप्त कर उसे धर्म एवं सदाचार के मार्ग पर अग्रसर करना है। राम नाम का निरंतर भजन मनुष्य को मानसिक शांति प्रदान करता है तथा जीवन में आने वाली अनेक समस्याओं का समाधान भी बनता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कुसंगति से दूर रहने तथा सत्संग और भक्ति को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
कथा वाचक ने महाभारत के प्रसंगों का उदाहरण देते हुए बताया कि अच्छे और बुरे कर्मों का फल मनुष्य को अवश्य प्राप्त होता है। धर्म, सत्य और सदाचार का मार्ग कठिन अवश्य हो सकता है, लेकिन अंततः विजय उसी की होती है जो ईश्वर पर विश्वास रखते हुए धर्म के मार्ग पर चलता है।
इस अवसर पर भजन कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्ति गीतों की मधुर स्वर लहरियों पर श्रद्धालु झूम उठे और पूरा कथा पंडाल भगवान के जयकारों से गुंजायमान हो गया। श्रद्धालुओं ने देर रात तक कथा एवं भजनों का रसपान किया।
कथा में शैतान सिंह शक्तावत, हरक नाराणीवाल, रतनलाल आशावा, रामनारायण सोमानी, अनिल व्यास, मनोज गट्टाणी, सत्यनारायण लाखकार, माधुलाल कीर, माहेश्वरी महिला मंडल सहित गांव के अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में महाआरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।