चाईबासा में जलजमाव प्रभावित क्षेत्रों का उपायुक्त ने किया स्थल निरीक्षण
अमला टोला में क्षतिग्रस्त मकान का लिया जायजा, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था पर स्थानीय लोगों से की चर्चा
पश्चिमी सिंहभूम जिले में लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा जलजमाव एवं जल निकासी की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में उपायुक्त मनीष कुमार ने मंगलवार को चाईबासा नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न जलजमाव प्रभावित क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण कर वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जलजमाव के कारण उत्पन्न समस्याओं, जल निकासी की व्यवस्था तथा प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही राहत एवं सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री संजय कुमार, चाईबासा नगर परिषद अध्यक्ष श्री नितिन प्रकाश, सदर चाईबासा अंचल अधिकारी श्री उपेंद्र कुमार, नगर परिषद उपाध्यक्ष श्री विकास शर्मा एवं नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी श्रीमती संतोषनी मुर्मू सहित संबंधित पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
अमला टोला में क्षतिग्रस्त मकान का किया स्थल अवलोकन
उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने चाईबासा नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत अमला टोला पहुंचकर जलजमाव से प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जलजमाव के कारण क्षतिग्रस्त हुए मकान का स्थल अवलोकन किया तथा वहां की परिस्थितियों की जानकारी ली। उपायुक्त ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर जल निकासी की वर्तमान स्थिति, जलजमाव के कारण उत्पन्न हो रही परेशानियों तथा पानी की निकासी में आ रही बाधाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। स्थानीय नागरिकों ने उपायुक्त को क्षेत्र में जलजमाव की समस्या एवं पानी निकासी से संबंधित समस्याओं से अवगत कराया। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में जल निकासी को सुचारू बनाने के साथ-साथ भविष्य में जलजमाव की समस्या की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्थायी एवं प्रभावी जल निकासी व्यवस्था की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
स्थायी जल निकासी व्यवस्था पर दिया जोर
उपायुक्त ने कहा कि जलजमाव से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत एवं जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। साथ ही, ऐसे स्थानों को चिह्नित कर दीर्घकालिक समाधान की दिशा में कार्य किया जाना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं नगर परिषद के अधिकारियों को क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, जल प्रवाह एवं निकासी मार्ग का समुचित आकलन करते हुए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ संवाद करते हुए उनकी समस्याओं एवं सुझावों को भी सुना तथा कहा कि प्रशासन द्वारा स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जल निकासी की सुगम एवं स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
खिरवाल धर्मशाला में प्रभावित परिवारों से किया संवाद
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने खिरवाल धर्मशाला पहुंचकर वहां ठहराए गए जलजमाव प्रभावित एवं पीड़ित परिवारों से भी संवाद किया। उन्होंने प्रभावित लोगों से उनकी समस्याओं, उपलब्ध सुविधाओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही राहत व्यवस्था का जायजा लिया। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो और उन्हें आवश्यकतानुसार भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा सहित अन्य जरूरी राहत उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं का नियमित रूप से आकलन करते हुए तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
मलेरिया एवं अन्य जलजनित बीमारियों से बचाव के निर्देश
बारिश एवं जलजमाव के कारण मच्छरों के प्रजनन की संभावना को देखते हुए उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने आवश्यकता के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में मच्छरदानी का वितरण सुनिश्चित करने तथा मलेरिया एवं अन्य मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए कीटनाशक का छिड़काव कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जलजमाव वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा नियमित निगरानी रखी जाए तथा बुखार अथवा मलेरिया के लक्षण वाले व्यक्तियों की पहचान कर आवश्यक जांच एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रभावित परिवारों को भी मच्छरों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया गया।
प्रशासन की प्राथमिकता- सुरक्षित एवं सुगम जल निकासी
उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के साथ-साथ जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जल निकासी व्यवस्था को प्रभावी बनाने तथा संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बारिश के दौरान जलजमाव की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा, राहत एवं स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को सक्रिय एवं संवेदनशील होकर कार्य करने का निर्देश दिया गया।