#बेहद_इमोशनल_लव_स्टोरी_और_विवाद..
भरतपुर। “हमारी लव स्टोरी बॉलीवुड की '12th फेल' मूवी की तरह है। मुझे भरोसा था कि मेरा पति एक ना एक दिन जरूर आईपीएस बनेगा। हम दोनों की जाति अलग है। शादी के लिए घरवाले नहीं माने तो मैं बिना किसी को बताए भानु के पास भरतपुर चली गई। मैंने घर वालों के खिलाफ जाकर भानु से शादी की थी..” बिहार के खगड़िया जिला पुलिस अधीक्षक की पत्नी पूजा ने अपनी लव स्टोरी बताई। साथ ही उन्होंने बताया कि पति भानु प्रताप और उनके बीच किस बात को लेकर विवाद चल रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूजा बताती हैं कि- 2015 में वह एक पारिवारिक समारोह में भानु प्रताप से मिली थीं। वहीं दोनों का परिचय हुआ और काफी देर तक बातचीत हुई। बातचीत के दौरान भानु ने बताया कि वह सिविल सर्विस की तैयारी करना चाहते हैं और आईपीएस बनना उनका सपना है। मुलाकात के बाद भानु अपने घर लौट गए, लेकिन दोनों के बीच बातचीत जारी रही। धीरे-धीरे यह बातचीत प्यार में बदल गई और दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पूजा बताती हैं कि वह और भानु दोनों अलग अलग जाति के परिवार से हैं। दोनों के परिवार शादी के लिए तैयार नहीं थे। इसके बावजूद पूजा घर से निकलकर भरतपुर पहुंचीं और 2016 में भानु से शादी कर ली। पूजा के मुताबिक, उन्होंने अपने परिवार की नाराजगी मोल लेकर यह फैसला लिया था। उस समय उनके पास सिर्फ अपने रिश्ते और भानु के सपने पर भरोसा था। पूजा का कहना है कि भानु के संघर्ष के दौरान उन्होंने उनका साथ दिया। कई बार अपनी जरूरतें बहुत कम पैसों में पूरी कीं। यहां तक कि 5 साल उन्होंने भरतपुर के एक निजी स्कूल में शिक्षिका के रूप में काम किया। उनका कहना है कि उन्हें भरोसा था कि जिस इंसान का हाथ पकड़कर वह भरतपुर तक आई हैं, वह एक दिन आईपीएस जरूर बनेगा। शादी के 4 साल बाद भानु आईपीएस बन भी गए। आज वही दांपत्य जीवन गंभीर विवाद में है। पूजा ने भानु प्रताप पर मानसिक प्रताड़ना और मारपीट के आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि उनकी छह साल की बेटी को भी उनसे दूर कर दिया गया है। पूजा ने यह भी आरोप लगाया कि पटना स्थित आईपीएस मेस में उन्हें एक कमरे में बाहर से बंद कर दिया गया था। हालांकि, वह पति के खिलाफ कार्रवाई की मांग नहीं कर रही हैं। उनकी मांग है कि उन्हें अपनी बेटी से मिलने दिया जाए और वह अपने पति के साथ रहना चाहती हैं। पूजा ने मुताबिक उनके पति की ओर से न्यायालय में तलाक की अर्जी दाखिल की गई है। उनके पास न पैसा है और न पावर। वह अपने परिवार को टूटता नहीं देखना चाहती। पूजा के मुताबिक, विवाद और तनाव के बीच उनकी मानसिक स्थिति काफी खराब हो गई थी। अब ये मामला बिहार से भरतपुर तक पहुंच गया है। जानकारी के अनुसार, आईपीएस अधिकारी अपनी 6 वर्षीय बेटी को लेकर भरतपुर आए थे, लेकिन झुंझुनूं निवासी पत्नी पूजा के पहुंचते ही वह वहां से निकल गए। पूजा जब भरतपुर शहर के गीता कॉलोनी स्थित अपने ससुराल और बाद में विजय नगर स्थित अपनी ननद के घर पहुंचीं, तो दोनों ही जगह उनके लिए दरवाजे नहीं खोले गए। इसके बाद पूजा मदद की गुहार लेकर मथुरा गेट थाने पहुंचीं, जहां पुलिस ने मामले को पारिवारिक विवाद बताते हुए तत्काल कार्रवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद पूजा देर रात तक थाने में बैठी रहीं। पूजा का मायका झुंझुनूं जिले की उदयपुरवाटी तहसील के तिवारी का वास में बताया गया है। वहीं, भानुप्रताप सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी के रहने वाले हैं। उनका परिवार भरतपुर शहर की गीता कॉलोनी में किराये के मकान में रहता है। जहां वह कुछ दिनों से अपनी बेटी के साथ रह रहे थे।