ट्रैक्टर और चारपाई के सहारे मरीजों की जिंदगी, कयामदी में पुल का इंतजार कब होगा खत्म?
सड़क-पुल की बदहाल व्यवस्था से ग्रामीण बेहाल, एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पा रही गांव; बारिश में बढ़ जाती है परेशानी
जालौन। तहसील क्षेत्र के ग्राम कयामदी में सड़क और पुल की समस्या ग्रामीणों के लिए वर्षों से परेशानी का सबब बनी हुई है। गांव का मुख्य मार्ग से सीधा संपर्क न होने के कारण यहां रहने वाले लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही से लेकर गंभीर आपात स्थितियों तक भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे चिंताजनक स्थिति उस समय बनती है, जब गांव में कोई व्यक्ति अचानक बीमार पड़ जाता है या किसी मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाने की जरूरत होती है। ग्रामीणों के अनुसार, एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिसके चलते मरीजों को कई बार चारपाई पर लिटाकर या ट्रैक्टर के जरिए कच्चे और खराब रास्ते से मुख्य मार्ग तक पहुंचाना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में कच्चे रास्तों की स्थिति और खराब हो जाती है। कीचड़ और जलभराव के कारण पैदल निकलना तक मुश्किल हो जाता है। ऐसे में मरीजों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को मुख्य मार्ग तक पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं रहता।
ग्रामीणों के मुताबिक, वर्ष 2025 में क्षेत्रीय विधायक को ज्ञापन सौंपकर पुल निर्माण की मांग की गई थी। उस दौरान जल्द समाधान का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन अब तक पुल निर्माण की दिशा में स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
ग्रामीणों का कहना है कि कयामदी में ऊंचे पुल का निर्माण होने से गांव का मुख्यालय से सीधा और सुगम संपर्क स्थापित हो जाएगा। इससे न केवल मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मदद मिलेगी, बल्कि स्कूली बच्चों, किसानों, महिलाओं और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले ग्रामीणों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
ग्रामीण अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सवाल कर रहे हैं कि आखिर कयामदी में पुल निर्माण कब शुरू होगा? क्या किसी बड़ी दुर्घटना या गंभीर मरीज को समय पर इलाज न मिलने के बाद ही जिम्मेदार विभाग इस समस्या की गंभीरता को समझेगा?
ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके का स्थलीय निरीक्षण कराकर पुल और सड़क निर्माण की समस्या का स्थायी समाधान कराए, ताकि आपात स्थिति में एंबुलेंस गांव तक पहुंच सके और किसी मरीज की जिंदगी रास्ते की बदहाली की वजह से खतरे में न पड़े।
कयामदी के ग्रामीणों की यह समस्या सिर्फ सड़क और पुल की नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षित आवागमन के अधिकार से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस समस्या का संज्ञान लेकर कब तक ठोस कदम उठाता है।
Orai, Jalaun | Sep 9, 2026