कला कीर्ति भवन कुरुक्षेत्र में हरियाणा कला परिषद द्वारा आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय मंच संचालन कार्यशाला का हुआ भव्य समापन
हरियाणा के 17 जिलों के 56 प्रतिभागियों ने सीखे मंच उद्घोषणा के गुर, समापन सत्र में विशेषज्ञों ने परखी शब्द और शैली की कला
कुरुक्षेत्र, (राष्ट्रीय कदम) ब्यूरो। हरियाणा कला परिषद द्वारा कला कीर्ति भवन में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय मंच संचालन कार्यशाला का रविवार को समापन हो गया। मंच संचालन कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस विशेष कार्यशाला में हरियाणा के कोने-कोने से आए प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। दो दिनों तक चले इस प्रशिक्षण शिविर में प्रदेश के 17 जिलों के 56 चयनित प्रतिभागियों को मंच संचालन, उद्घोषणा और कुशल संवाद शैली की बारीकियों व व्यावहारिक गुरों से अवगत कराया गया। कार्यशाला के पहले दिन सुप्रसिद्ध मंच उद्घोषक जैनेंद्र सिंह ने अपने लंबे अनुभवों को साझा करते हुए प्रतिभागियों को बताया था कि एक सफल मंच संचालक को भाषा के उतार-चढ़ाव, श्रोताओं के मनोविज्ञान और समय प्रबंधन का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने मंच पर होने वाली तात्कालिक समस्याओं और घबराहट को दूर करने के महत्वपूर्ण टिप्स भी साझा किए। वह कार्यशाला के दूसरे दिन व्यावहारिक सत्र का आयोजन किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय कवि संगम के महामंत्री डॉ. अशोक बत्रा, सुप्रसिद्ध हिंदी भाषा विशेषज्ञ डॉ. पंकज गौड़ और कला क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले अनिल कौशिक की विशेषज्ञ समिति ने सभी 56 प्रतिभागियों की कला का व्यक्तिगत रूप से अवलोकन किया। विशेषज्ञों ने प्रत्येक प्रतिभागी के शब्द-चयन, शुद्ध उच्चारण, वाक-शैली, आत्मविश्वास और समग्र मंच संचालन कला को बारीकी से परखा और उन्हें और अधिक निखारने के लिए व्यक्तिगत परामर्श दिए। इस महत्वपूर्ण अवसर पर हरियाणा कला परिषद के माननीय उपाध्यक्ष महेश जोशी ने सभी का मार्गदर्शन किया। प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए जोशी ने कहा, मंच संचालन केवल शब्दों का जाल नहीं, बल्कि कार्यक्रम की आत्मा है। यहाँ सीखे गए गुरों को केवल कार्यशाला तक सीमित न रखें, बल्कि इन्हें अपने दैनिक जीवन और व्यवहार में अपनाएं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा कला परिषद निरंतर ऐसे मंच तैयार कर रही है जिससे हमारे ग्रामीण और शहरी अंचलों के प्रतिभावान युवाओं को अपनी कला के प्रदर्शन का राष्ट्रीय स्तर पर अवसर मिल सके। इसके अलावा समापन सत्र में हरियाणा कला परिषद के संयुक्त सचिव डॉ. पवन आर्य ने सभी प्रशिक्षणार्थियों की हौंसलाअफजाई करते हुए कहा, हरियाणा के युवाओं में अद्भुत प्रतिभा और ऊर्जा है। 17 जिलों से आए इन युवाओं ने दो दिनों में जो समर्पण दिखाया है, वह काबिले-तारीफ है। मंच संचालन का क्षेत्र आज एक बेहतरीन करियर के रूप में उभर रहा है और परिषद का यह प्रयास युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगा। कार्यशाला के समापन के भव्य क्षणों में करनाल, अंबाला, कैथल, हिसार, पानीपत, रोहतक, सिरसा, झज्जर, सोनीपत, गन्नौर, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, फतेहाबाद, फरीदाबाद, पलवल, रेवाड़ी, जींद के सभी 56 चयनित प्रतिभागियों को उनकी लगन के लिए परिषद की ओर से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी मुख्य प्रशिक्षकों को स्मृति चिह्न के रूप में पौधे भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया गया।