ये भाप वाला इंजन याद है या भूल गए?
कभी भारतीय रेलवे की पटरियों पर अपनी सीटी और भाप की गूंज से एक अलग पहचान बनाने वाला यह ऐतिहासिक रेल इंजन आज हमारी रेलवे विरासत की यादें संजोए खड़ा है।
यह है YG 3318 स्टीम लोकोमोटिव, जिसे वर्ष 1960 में टाटा इंजीनियरिंग एंड लोकोमोटिव कंपनी (TELCO) ने बनाया था। लगभग चार दशकों तक भारतीय रेलवे की सेवा करने के बाद वर्ष 1999 में इसे रिटायर कर दिया गया।
मीटर गेज की पटरियों पर दौड़ने वाला यह कोयले से चलने वाला इंजन कभी 56 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ा करता था। इसका अंतिम ठिकाना पश्चिम रेलवे का वांकानेर लोको शेड था।
आज रेल की पटरियों पर वंदे भारत जैसी अत्याधुनिक ट्रेनें दौड़ रही हैं, लेकिन एक दौर वह भी था, जब ऐसे भाप के इंजनों की सीटी सुनकर लोग ट्रेन के आने का इंतजार किया करते थे।
वक्त बदल गया, रेलगाड़ियां बदल गईं, लेकिन भारतीय रेलवे के इतिहास में इन भाप के इंजनों की यादें हमेशा जिंदा रहेंगी।
Bihar, India | Oct 13, 2026