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ग्राम घटेरी में श्री नर्मदा पुराण के समापन पर देवी जागरण के कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध #गायिका #वंदना साहू ने दी प्रस्तुती

9.8k views | Mandla, Mandla | Feb 24, 2021

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माहवारी स्वच्छता एवं स्वास्थ्य प्रबंधन पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, बालिकाओं को दी गई स्वास्थ्य एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी

 ग्राम पंचायत मेढ़ा, जनपद पंचायत मवई, तहसील बिछिया में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत माहवारी स्वच्छता एवं स्वास्थ्य प्रबंधन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
 कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों एवं सौर्यदल की बालिकाओं को वन स्टॉप सेंटर प्रशासक सुश्री प्रेरणा मर्सकोले ने माहवारी के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, सेनेटरी पैड के उपयोग एवं उसके सुरक्षित निपटान के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के लिए शारीरिक स्वच्छता के साथ-साथ मानसिक रूप से सशक्त और जागरूक होना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक परिवर्तनों, संतुलित आहार एवं पौष्टिक भोजन के महत्व पर भी प्रकाश डाला। साथ ही वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं एवं आवश्यक हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी प्रदान की गई।
 जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पीएलवी श्रीमती शिखा श्रीवास्तव ने महिलाओं के कानूनी अधिकारों पर विस्तार से चर्चा करते हुए निःशुल्क विधिक सहायता, भरण-पोषण का अधिकार, घरेलू हिंसा से संरक्षण, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न से सुरक्षा, समान वेतन का अधिकार, दहेज प्रताड़ना एवं महिलाओं के विरुद्ध लैंगिक अपराधों से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं की सहायता के लिए उपलब्ध टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1510 के बारे में भी अवगत कराया। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तरी संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें उत्कृष्ट उत्तर देने वाली प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
Jansampark Madhya Pradesh
CM Madhya Pradesh
#mandla 
Department Of Women Child Development, Madhya Pradesh

माहवारी स्वच्छता एवं स्वास्थ्य प्रबंधन पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, बालिकाओं को दी गई स्वास्थ्य एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी ग्राम पंचायत मेढ़ा, जनपद पंचायत मवई, तहसील बिछिया में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत माहवारी स्वच्छता एवं स्वास्थ्य प्रबंधन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों एवं सौर्यदल की बालिकाओं को वन स्टॉप सेंटर प्रशासक सुश्री प्रेरणा मर्सकोले ने माहवारी के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, सेनेटरी पैड के उपयोग एवं उसके सुरक्षित निपटान के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के लिए शारीरिक स्वच्छता के साथ-साथ मानसिक रूप से सशक्त और जागरूक होना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक परिवर्तनों, संतुलित आहार एवं पौष्टिक भोजन के महत्व पर भी प्रकाश डाला। साथ ही वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं एवं आवश्यक हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी प्रदान की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पीएलवी श्रीमती शिखा श्रीवास्तव ने महिलाओं के कानूनी अधिकारों पर विस्तार से चर्चा करते हुए निःशुल्क विधिक सहायता, भरण-पोषण का अधिकार, घरेलू हिंसा से संरक्षण, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न से सुरक्षा, समान वेतन का अधिकार, दहेज प्रताड़ना एवं महिलाओं के विरुद्ध लैंगिक अपराधों से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं की सहायता के लिए उपलब्ध टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1510 के बारे में भी अवगत कराया। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तरी संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें उत्कृष्ट उत्तर देने वाली प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh #mandla Department Of Women Child Development, Madhya Pradesh

Mandla, Madhya Pradesh | Jun 3, 2026

खरीफ सीजन से पहले कृषि विभाग की सख्ती, बीज विक्रेताओं के यहाँ औचक निरीक्षण में मिली अनियमितताएं

 आगामी खरीफ सीजन 2026-27 को ध्यान में रखते हुए किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीज एवं कीटनाशकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग ने जिले में सघन निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया है। उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंडला श्री अश्विनी झारिया के निर्देशन में विभिन्न कृषि सेवा केंद्रों एवं बीज विक्रेताओं के यहाँ औचक निरीक्षण कर कृषि आदानों की गुणवत्ता एवं उपलब्धता की जांच की गई।
 निरीक्षण दल ने भूमि कृषि केंद्र पुरवा, सोनल कृषि केंद्र पुरवा, सिद्धि विनायक कृषि सेवा केंद्र पुरवा, भुवनेश्वरी कृषि सेवा केंद्र पुरवा, सिहारे कृषि सेवा केंद्र पड़ाव वार्ड मंडला तथा संदीप बीज भंडार पड़ाव वार्ड सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान विक्रेताओं के स्टॉक, विक्रय अभिलेख, भंडारण व्यवस्था एवं बिल-बुक का बारीकी से परीक्षण किया गया।
 जाँच के दौरान सोनल कृषि केंद्र पुरवा एवं सिद्धि विनायक कृषि सेवा केंद्र पुरवा में भंडारित बीजों से संबंधित आवश्यक पी.सी. (प्रोसेसिंग/प्रमाणीकरण) प्रविष्टियां दर्ज नहीं पाई गईं। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए उप संचालक कृषि द्वारा संबंधित विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही तीन दिवस के भीतर समस्त भंडारित बीजों की आवश्यक प्रविष्टियाँ पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
 निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सभी कृषि आदान विक्रेताओं को निर्देशित किया कि किसानों को केवल प्रमाणित एवं गुणवत्तायुक्त बीज, खाद एवं कीटनाशक ही उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही खरीफ सीजन में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केंद्रों पर पेयजल, छाया एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
 कृषि विभाग के अनुसार जिले में खरीफ फसलों के रकबे में वृद्धि के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। वर्ष 2026-27 में जिले में लगभग 2.40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए किसानों को समय पर कृषि आदानों की उपलब्धता, तकनीकी मार्गदर्शन तथा कृषि सेवा केंद्रों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा रही है।
 उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री अश्विनी झारिया ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा और कृषि आदानों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जिलेभर में औचक निरीक्षण अभियान निरंतर जारी रहेगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
Jansampark Madhya Pradesh 
CM Madhya Pradesh 
#mandla 
Department of Agriculture, Madhya Pradesh

खरीफ सीजन से पहले कृषि विभाग की सख्ती, बीज विक्रेताओं के यहाँ औचक निरीक्षण में मिली अनियमितताएं आगामी खरीफ सीजन 2026-27 को ध्यान में रखते हुए किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीज एवं कीटनाशकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग ने जिले में सघन निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया है। उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंडला श्री अश्विनी झारिया के निर्देशन में विभिन्न कृषि सेवा केंद्रों एवं बीज विक्रेताओं के यहाँ औचक निरीक्षण कर कृषि आदानों की गुणवत्ता एवं उपलब्धता की जांच की गई। निरीक्षण दल ने भूमि कृषि केंद्र पुरवा, सोनल कृषि केंद्र पुरवा, सिद्धि विनायक कृषि सेवा केंद्र पुरवा, भुवनेश्वरी कृषि सेवा केंद्र पुरवा, सिहारे कृषि सेवा केंद्र पड़ाव वार्ड मंडला तथा संदीप बीज भंडार पड़ाव वार्ड सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान विक्रेताओं के स्टॉक, विक्रय अभिलेख, भंडारण व्यवस्था एवं बिल-बुक का बारीकी से परीक्षण किया गया। जाँच के दौरान सोनल कृषि केंद्र पुरवा एवं सिद्धि विनायक कृषि सेवा केंद्र पुरवा में भंडारित बीजों से संबंधित आवश्यक पी.सी. (प्रोसेसिंग/प्रमाणीकरण) प्रविष्टियां दर्ज नहीं पाई गईं। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए उप संचालक कृषि द्वारा संबंधित विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही तीन दिवस के भीतर समस्त भंडारित बीजों की आवश्यक प्रविष्टियाँ पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सभी कृषि आदान विक्रेताओं को निर्देशित किया कि किसानों को केवल प्रमाणित एवं गुणवत्तायुक्त बीज, खाद एवं कीटनाशक ही उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही खरीफ सीजन में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केंद्रों पर पेयजल, छाया एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। कृषि विभाग के अनुसार जिले में खरीफ फसलों के रकबे में वृद्धि के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। वर्ष 2026-27 में जिले में लगभग 2.40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए किसानों को समय पर कृषि आदानों की उपलब्धता, तकनीकी मार्गदर्शन तथा कृषि सेवा केंद्रों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री अश्विनी झारिया ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा और कृषि आदानों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जिलेभर में औचक निरीक्षण अभियान निरंतर जारी रहेगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh #mandla Department of Agriculture, Madhya Pradesh

Mandla, Madhya Pradesh | Jun 3, 2026

नन्हे हाथों की बड़ी कल्पनाएँ – कला के माध्यम से उभरी छात्राओं की प्रतिभा। 🎨🌸                     
                                                                                                                                     कस्तूरबा गांधी छात्रावास, मंडला की छात्राओं ने आर्ट एवं क्राफ्ट गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा, कल्पनाशीलता और सृजनात्मक कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। उनकी कलाकृतियाँ न केवल कला का परिचय देती हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता और नवाचार की प्रेरणा भी देती हैं।
Jansampark Madhya Pradesh 
CM Madhya Pradesh 
#mandla 
Department of School Education, Madhya Pradesh

नन्हे हाथों की बड़ी कल्पनाएँ – कला के माध्यम से उभरी छात्राओं की प्रतिभा। 🎨🌸 कस्तूरबा गांधी छात्रावास, मंडला की छात्राओं ने आर्ट एवं क्राफ्ट गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा, कल्पनाशीलता और सृजनात्मक कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। उनकी कलाकृतियाँ न केवल कला का परिचय देती हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता और नवाचार की प्रेरणा भी देती हैं। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh #mandla Department of School Education, Madhya Pradesh

Mandla, Madhya Pradesh | Jun 3, 2026

सूखे तालाब से समृद्धि की राह: सकवाह कला ने रचा जल संरक्षण का नया इतिहास                                  
                                                                                                                                 एक ट्यूबवेल ने बदल दी गाँव की तस्वीर: सूखते तालाब से बारहमासी जलस्त्रोत तक का प्रेरक सफर

 जहाँ कभी गर्मियों में सूखे तालाब और पानी की किल्लत ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता हुआ करती थी, वहीं आज ग्राम सकवाह कला पूरे जिले के लिए जल संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता का प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरा है। एक मछुआ सहकारी समिति की दूरदर्शिता, मेहनत और सामूहिक संकल्प ने न केवल एक मौसमी तालाब को बारहमासी जलस्त्रोत में बदल दिया, बल्कि पूरे गाँव के जीवन में नई खुशहाली का संचार कर दिया।
 विकासखंड नैनपुर के ग्राम सकवाह कला में स्थित 3.40 हेक्टेयर का पंचायत तालाब वर्षों तक केवल बारिश के पानी पर निर्भर था। हर साल मार्च आते-आते तालाब सूख जाता था, जिससे मत्स्य पालन, पशुपालन और ग्रामीणों की दैनिक जरूरतें प्रभावित होती थीं। पानी की कमी गाँव के विकास में सबसे बड़ी बाधा बन चुकी थी।
 वर्ष 2015 में गठित कबीर चौक मछुआ सहकारी समिति मर्यादित ने इस समस्या को चुनौती के रूप में स्वीकार किया। 45 सदस्यों वाली समिति ने ग्राम पंचायत से तालाब को मत्स्य पालन के लिए पट्टे पर लिया और एक संकल्प किया, “मछली भी पालेंगे, पानी भी बचाएंगे।”
 समिति ने किसान क्रेडिट कार्ड ऋण और स्वयं के अंशदान से लगभग 1.40 लाख रुपये की लागत से तालाब किनारे 250 फीट गहरा ट्यूबवेल एवं 3 एचपी मोटर स्थापित की। गर्मियों में जब तालाब का जलस्तर कम होने लगता है, तब ट्यूबवेल से पानी डालकर तालाब को जीवित रखा जाता है।
 इस छोटे से नवाचार ने बड़ा परिवर्तन ला दिया। तालाब की जल भंडारण क्षमता में लगभग 40 प्रतिशत वृद्धि हुई, भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा मिला और तालाब पूरे वर्ष पानी से भरा रहने लगा। परिणामस्वरूप मत्स्य उत्पादन में भी करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे समिति सदस्यों की आय बढ़ी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई।
 आज यह तालाब केवल मछली उत्पादन का केंद्र नहीं है, बल्कि ग्रामीणों के लिए वर्षभर पानी का भरोसेमंद स्त्रोत बन चुका है। निस्तार, कपड़े धोने, स्नान और पशुओं की प्यास बुझाने जैसी जरूरतें अब बिना किसी परेशानी के पूरी हो रही हैं।

समिति के अध्यक्ष श्री नारायण झारिया गर्व से कहते हैं,

 हमने ट्यूबवेल अपने संसाधनों से लगवाया, क्योंकि पानी रहेगा तभी मछली रहेगी और तभी गाँव आगे बढ़ेगा। आज यह तालाब हमें कमाई भी दे रहा है और जीवन भी।

एक सफलता से मिली दूसरी प्रेरणा

 पहले तालाब की सफलता ने समिति का आत्मविश्वास बढ़ाया। इसके बाद सदस्यों ने गाँव के दूसरे पंचायत तालाब को भी पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया। लगभग 0.21 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाला यह तालाब वर्षों से उथला होने के कारण केवल बरसात के चार महीने ही पानी रोक पाता था।
 जनवरी 2026 में समिति ने बिना किसी सरकारी सहायता के अपने संसाधनों और सदस्यों के सहयोग से लगभग 1.30 लाख रुपये खर्च कर तालाब का गहरीकरण कराया। इस कार्य से तालाब की जल धारण क्षमता बढ़ी और गाँव में जल सुरक्षा को नई मजबूती मिली।

समिति के सचिव श्री सरवन कुमार झारिया कहते हैं,

 सरकार से मदद लेने से पहले हमने खुद करके दिखाया। तालाब गहरा हुआ तो गाँव की सोच भी गहरी हो गई। अब पानी के लिए संघर्ष नहीं, बल्कि पानी बचाने के लिए एकजुटता दिखाई दे रही है।

पूरे जिले के लिए बना प्रेरणा का मॉडल

 सकवाह कला की यह कहानी बताती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद सामुदायिक इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और सहभागिता से बड़े बदलाव संभव हैं। यहाँ तालाबों का पुनर्जीवन केवल जल संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास, पर्यावरण संवर्धन और आजीविका सशक्तीकरण का माध्यम बन गया है।
 आज सकवाह कला का मॉडल जिले के अन्य गाँवों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन रहा है। यह संदेश दे रहा है कि यदि समाज स्वयं आगे बढ़कर जिम्मेदारी उठाए, तो पानी की हर बूंद भविष्य की समृद्धि का आधार बन सकती है।
Jansampark Madhya Pradesh 
CM Madhya Pradesh 
#mandla 
Department of Fisheries, Madhya Pradesh 
Jabalpur Commissioner

सूखे तालाब से समृद्धि की राह: सकवाह कला ने रचा जल संरक्षण का नया इतिहास एक ट्यूबवेल ने बदल दी गाँव की तस्वीर: सूखते तालाब से बारहमासी जलस्त्रोत तक का प्रेरक सफर जहाँ कभी गर्मियों में सूखे तालाब और पानी की किल्लत ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता हुआ करती थी, वहीं आज ग्राम सकवाह कला पूरे जिले के लिए जल संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता का प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरा है। एक मछुआ सहकारी समिति की दूरदर्शिता, मेहनत और सामूहिक संकल्प ने न केवल एक मौसमी तालाब को बारहमासी जलस्त्रोत में बदल दिया, बल्कि पूरे गाँव के जीवन में नई खुशहाली का संचार कर दिया। विकासखंड नैनपुर के ग्राम सकवाह कला में स्थित 3.40 हेक्टेयर का पंचायत तालाब वर्षों तक केवल बारिश के पानी पर निर्भर था। हर साल मार्च आते-आते तालाब सूख जाता था, जिससे मत्स्य पालन, पशुपालन और ग्रामीणों की दैनिक जरूरतें प्रभावित होती थीं। पानी की कमी गाँव के विकास में सबसे बड़ी बाधा बन चुकी थी। वर्ष 2015 में गठित कबीर चौक मछुआ सहकारी समिति मर्यादित ने इस समस्या को चुनौती के रूप में स्वीकार किया। 45 सदस्यों वाली समिति ने ग्राम पंचायत से तालाब को मत्स्य पालन के लिए पट्टे पर लिया और एक संकल्प किया, “मछली भी पालेंगे, पानी भी बचाएंगे।” समिति ने किसान क्रेडिट कार्ड ऋण और स्वयं के अंशदान से लगभग 1.40 लाख रुपये की लागत से तालाब किनारे 250 फीट गहरा ट्यूबवेल एवं 3 एचपी मोटर स्थापित की। गर्मियों में जब तालाब का जलस्तर कम होने लगता है, तब ट्यूबवेल से पानी डालकर तालाब को जीवित रखा जाता है। इस छोटे से नवाचार ने बड़ा परिवर्तन ला दिया। तालाब की जल भंडारण क्षमता में लगभग 40 प्रतिशत वृद्धि हुई, भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा मिला और तालाब पूरे वर्ष पानी से भरा रहने लगा। परिणामस्वरूप मत्स्य उत्पादन में भी करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे समिति सदस्यों की आय बढ़ी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई। आज यह तालाब केवल मछली उत्पादन का केंद्र नहीं है, बल्कि ग्रामीणों के लिए वर्षभर पानी का भरोसेमंद स्त्रोत बन चुका है। निस्तार, कपड़े धोने, स्नान और पशुओं की प्यास बुझाने जैसी जरूरतें अब बिना किसी परेशानी के पूरी हो रही हैं। समिति के अध्यक्ष श्री नारायण झारिया गर्व से कहते हैं, हमने ट्यूबवेल अपने संसाधनों से लगवाया, क्योंकि पानी रहेगा तभी मछली रहेगी और तभी गाँव आगे बढ़ेगा। आज यह तालाब हमें कमाई भी दे रहा है और जीवन भी। एक सफलता से मिली दूसरी प्रेरणा पहले तालाब की सफलता ने समिति का आत्मविश्वास बढ़ाया। इसके बाद सदस्यों ने गाँव के दूसरे पंचायत तालाब को भी पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया। लगभग 0.21 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाला यह तालाब वर्षों से उथला होने के कारण केवल बरसात के चार महीने ही पानी रोक पाता था। जनवरी 2026 में समिति ने बिना किसी सरकारी सहायता के अपने संसाधनों और सदस्यों के सहयोग से लगभग 1.30 लाख रुपये खर्च कर तालाब का गहरीकरण कराया। इस कार्य से तालाब की जल धारण क्षमता बढ़ी और गाँव में जल सुरक्षा को नई मजबूती मिली। समिति के सचिव श्री सरवन कुमार झारिया कहते हैं, सरकार से मदद लेने से पहले हमने खुद करके दिखाया। तालाब गहरा हुआ तो गाँव की सोच भी गहरी हो गई। अब पानी के लिए संघर्ष नहीं, बल्कि पानी बचाने के लिए एकजुटता दिखाई दे रही है। पूरे जिले के लिए बना प्रेरणा का मॉडल सकवाह कला की यह कहानी बताती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद सामुदायिक इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और सहभागिता से बड़े बदलाव संभव हैं। यहाँ तालाबों का पुनर्जीवन केवल जल संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास, पर्यावरण संवर्धन और आजीविका सशक्तीकरण का माध्यम बन गया है। आज सकवाह कला का मॉडल जिले के अन्य गाँवों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन रहा है। यह संदेश दे रहा है कि यदि समाज स्वयं आगे बढ़कर जिम्मेदारी उठाए, तो पानी की हर बूंद भविष्य की समृद्धि का आधार बन सकती है। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh #mandla Department of Fisheries, Madhya Pradesh Jabalpur Commissioner

Mandla, Madhya Pradesh | Jun 3, 2026

वाटर फिल्टर प्लांट का निरीक्षण, पेयजल आपूर्ति सुचारू रखने के निर्देश

 कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शाश्वत सिंह मीना के निर्देशानुसार पेयजल संबंधी संयंत्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण मंडला श्री संस्कार बावरिया द्वारा नगर के वार्ड क्रमांक 12 स्थित वाटर फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया गया।
 निरीक्षण के दौरान उन्होंने जल शुद्धिकरण की विभिन्न प्रक्रियाओं का बारीकी से अवलोकन किया तथा संयंत्र परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही शहर में सुबह एवं शाम दो समय होने वाली पेयजल आपूर्ति की स्थिति की जानकारी ली गई।
 श्री बावरिया ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी ग्रीष्म ऋतु की समाप्ति तक नागरिकों को नियमित एवं सुचारू रूप से पेयजल उपलब्ध कराया जाए तथा जल आपूर्ति व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा न आने पाए। निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं उपयंत्री भी उपस्थित रहे।
Jansampark Madhya Pradesh 
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Department of Urban Development & Housing MP

वाटर फिल्टर प्लांट का निरीक्षण, पेयजल आपूर्ति सुचारू रखने के निर्देश कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शाश्वत सिंह मीना के निर्देशानुसार पेयजल संबंधी संयंत्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण मंडला श्री संस्कार बावरिया द्वारा नगर के वार्ड क्रमांक 12 स्थित वाटर फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जल शुद्धिकरण की विभिन्न प्रक्रियाओं का बारीकी से अवलोकन किया तथा संयंत्र परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही शहर में सुबह एवं शाम दो समय होने वाली पेयजल आपूर्ति की स्थिति की जानकारी ली गई। श्री बावरिया ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी ग्रीष्म ऋतु की समाप्ति तक नागरिकों को नियमित एवं सुचारू रूप से पेयजल उपलब्ध कराया जाए तथा जल आपूर्ति व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा न आने पाए। निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं उपयंत्री भी उपस्थित रहे। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh #mandla Department of Urban Development & Housing MP

Mandla, Madhya Pradesh | Jun 2, 2026