अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर नशे से दूर रहने का दिया संदेश
बीकानेर, 26 जून। पीबीएम अस्पताल स्थित मानसिक रोग एवं नशा मुक्ति विभाग में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष की थीम 'वैश्विक नशीली दवाओं की समस्या: पुरानी समस्याएं, नई चुनौतियां और अभिनव उपाय' रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष डॉ. हरफूल सिंह एवं डॉ. श्रीगोपाल गोयल ने किया। इस दौरान विशेषज्ञों ने नशीली दवाओं के दुष्प्रभाव, तस्करी की रोकथाम तथा नशे से होने वाले मानसिक एवं शारीरिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
डॉ. हरफूल सिंह ने कहा कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग में अध्ययनरत युवा आसानी से नशे के जाल में फंस सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के व्यवहार, संगति और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देने तथा शुरुआत से ही उन्हें नशे से दूर रखने का आह्वान किया।
डॉ. श्रीगोपाल गोयल ने कहा कि नशा आज समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। एक बार लत लगने के बाद व्यक्ति के लिए इससे बाहर निकलना कठिन हो जाता है, जिससे उसके सामाजिक, पारिवारिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने सभी से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत उपस्थित चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों, स्टाफ, मरीजों एवं उनके परिजनों को नशा नहीं करने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम इकाई के सीआरपी विनोद कुमार पंचारिया एवं नर्सिंग ऑफिसर राजोराम सहित विभाग के चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया।
Bikaner, Bikaner | Jun 26, 2026