आल इंडिया जमियतुल कुरैश का प्रदेश स्तरीय इजलास अजमेर में सम्पन्न
जयपुर में कुरैश तलबा के लिए होस्टल शुरू करने का फैसला, शादी सुन्नत के मुताबिक आसान बनाने पर जोर**फिजूल खर्च रोकने पर ज़ोर
अजमेर में ब्यावर रोड स्थित होटल नोगिया इन में आल इंडिया जमियतुल कुरैश का प्रदेश स्तरीय इजलास आयोजित किया गया। इजलास में प्रदेश अध्यक्ष जनाब नईमुद्दीन ईणडाना साहब, फहीमुद्दीन साहब, जियाउर रहमान साहब (जयपुर), खालिद साहब (जोधपुर), असलम साहब (रास), मकसूद अहमद साहब पूर्व मेयर बीकानेर सहित राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से जमियतुल कुरैश के कार्यकर्र्ता और हमदर्द सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए।
प्रदेश सदर जनाब नईमुद्दीन साहब तथा जनरल सेक्रेटरी खालिद साहब ने इजलास के एजेंडे पर प्रकाश डाला और प्रदेश स्तर पर कुरैश बिरादरी की भलाई व बहबूदी के लिए चल रही कार्रवाई की जानकारी दी। *सदर साहब ने विशेष रूप से शादी को आसान और सुन्नत के मुताबिक करने पर जोर देते हुए “नो डिनर, नो गार्डन, निकाह मस्जिद में” का नारा दिया। उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने जयपुर में घर-घर जाकर लोगों को सुन्नत के तरीके से शादी करने की गुजारिश की, जिसके परिणामस्वरूप अब तक 400 निकाह मस्जिद में सफलतापूर्वक करवाए जा चुके हैं। सदर नईमुद्दीन साहब ने हाजिर सभी मेमबरान से शादी आसान और सुन्नत के मुताबिक चलने के लिए शपथ ली और वायदा लिया की हम सब हरचन्द ईस मुहीम को राजस्थान के कौन कौने में लागू करने की कोशिश करेंगे और अंजाम तक पहुचायेग इंशाअल्लाह।
इजलास में महत्वपूर्ण फैसला लिया गया कि जयपुर में पढ़ने आने वाले कुरैश बिरादरी के तलबा के लिए फिलहाल किराए पर बंगला या मकान लेकर तुरंत होस्टल शुरू किया जाए।
साथ ही 12 सदस्यीय सलाहकार कमेटी का गठन किया गया, जिसके कन्वीनर हाजी अताऊर रहमान जैतारण तथा सहायक कन्वीनर मोहम्मद शाहीद (जिलाध्यक्ष अजमेर) को नियुक्त किया गया। यह कमेटी हर तीन माह में बैठक कर आगे के कार्यक्रमों पर विशेषज्ञ सलाह देगी।
इजलास के सफल आयोजन में इकबाल भाई, पप्पू भाई (बकरा मंडी) तथा शाहीद भाई एमआर के भरपूर सहयोग व मेहनत की सराहना की गई।
प्रदेश सचिव हाजी हसन अनवर शरीफ ने इजलास में कई रचनात्मक सुझाव पेश किए। इनमें जयपुर होस्टल के लिए उचित जगह, किराया /खरीद, छात्र संख्या, फीस ढांचा, अलग प्रबंधन समिति, बालिकाओं के लिए सुरक्षा इंतजाम तथा सरकार /वक्फ बोर्ड से सहयोग के प्रयासों पर विस्तार से चर्चा करने; दसवीं-बारहवीं पास छात्रों के लिए करियर काउंसलिंग, स्कॉलरशिप व दाखिले संबंधी गाइडलाइन कमेटी बनाने; मेंबरशिप फार्म व 200 रुपये फीस (100 जिला, 100 प्रदेश) के जरिए संगठन को मजबूत करने; सक्रिय इकाइयों का गठन; युवा व महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने; सालाना ऑडिट; नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यशालाएं; गरीब छात्रों के लिए स्कॉलरशिप फंड; कौशल प्रशिक्षण व रोजगार कार्यक्रम; सफल व्यक्तियों का डेटाबेस तथा औरतों की विंग बनाने जैसे सुझाव शामिल थे।
सभी अपस्थित सदस्यों ने अपनी सलाह व तजवीज से इजलास को नवाजा। इजलास में यह संकल्प लिया गया कि तंजीम और कौम के मफाद में मिलकर बेहतर कार्य किए जाएंगे।