एक तरफ ‘डिजिटल इंडिया’, दूसरी तरफ सिरनी के 40 घर आज भी अंधेरे में!
ईसागढ़ तहसील के सिरनी गांव की करीब 40 घरों की बस्ती में आज भी बिजली नहीं है। यह सिर्फ अंधेरा नहीं, बल्कि विकास के उन दावों पर एक बड़ा सवाल है, जो गांव-गांव तक सुविधाएं पहुंचाने की बात करते हैं। हमारे घर की बिजली एक-दो घंटे चली जाए तो बेचैनी होने लगती है, शिकायतें होने लगती हैं, विरोध होने लगता है। जरा सोचिए, उन परिवारों पर क्या गुजरती होगी, जो सालों से बिजली का इंतजार कर रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई, मोबाइल चार्ज करना, रात में रोशनी—हर छोटी जरूरत के लिए इन परिवारों को परेशानी उठानी पड़ती है। डिजिटल इंडिया की चमकदार तस्वीर के पीछे सिरनी की यह बस्ती आज भी अंधेरे में है। सरकार से सवाल है—विकास की रोशनी आखिर इन 40 घरों तक कब पहुंचेगी? क्योंकि बिजली सिर्फ सुविधा नहीं, आज के दौर में सम्मानजनक जीवन की बुनियादी जरूरत है।
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