कहुआरा में आठ दिनों से पेयजल संकट, जल मीनार बनी शोभा की वस्तु ।
Nawada, Nawada | Sep 7, 2026 जलापूर्ति बाधित होने के कारण ग्रामीणों को पीने और घरेलू जरूरतों के लिए दूसरे जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कई परिवारों को दूर से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पानी की समस्या से सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, पेयजल संकट की जानकारी संबंधित पदाधिकारियों और जिम्मेदार कर्मियों को कई बार दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक जलापूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहा है, जबकि समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। ट्रांसफार्मर का तेल खत्म होने से बंद है जलापूर्ति जल मीनार के संचालक उदय सिंह ने बताया कि ट्रांसफार्मर का तेल खत्म हो जाने के कारण जलापूर्ति बाधित हुई है। इसकी शिकायत संबंधित पदाधिकारी से कर दी गई है। उन्होंने बताया कि गांव में पानी की समस्या अब विकराल रूप ले चुकी है और जल्द व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने तत्काल जलापूर्ति बहाल करने की मांग की ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी और उमस के बीच आठ दिनों से पानी की समस्या झेलना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीण बोरिंग से एक किलोमीटर दूर से माथे पर पानी ढोने को हैं मजबूर सरकार की ओर से पेयजल व्यवस्था के लिए करोड़ों -करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद जरूरत के समय जल मीनार से पानी नहीं मिलना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। इस संबंध में Etv Bharat के संवाददाता नवादा जिलाधिकारी रवि प्रकाश से बात की तो उन्होंने बताया कि आवश्यक कार्रवाई के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) को सूचित कर दिया गया है।