रांची: देवेन्द्र नाथ महतो की भर्ती सुधार यात्रा के विरोध में शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा के ग्रामीण लाठी-डंडों और पारंपरिक हथियारों के साथ गांव की सीमा पर डट गए।उन्होंने साफ़ कहा है कि वे अपने 'मांझी हराम' (गांव के मुखिया) और अपनी व्यवस्था के सम्मान के लिए जान देने को भी तैयार हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे रांची से यात्रा शुरू करें नेमरा से नहीं। वे किसी बाहरी छात्र नेता या राजनीतिक आंदोलन को बिना गाँव की पारंपरिक सहमति के नेमरा की धरती से 'सुधार यात्रा' शुरू करने की अनुमति नहीं देंगे।
बता दें कि रामगढ़ के नेमरा से छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो आज भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जन्मस्थल से शुरू होने वाली यह यात्रा झारखंड के सभी 24 जिलों तक पहुंचेगी। ‘24 जिले, 24 संकल्प’ के तहत छात्रों और युवाओं को एकजुट करने, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, भर्ती प्रक्रिया में सुधार और अभ्यर्थियों की जायज मांग�