अफजलपुर में मगरमच्छ की सूचना निकली फर्जी, AI से बनाई गई थी तस्वीर
जहानाबाद। काको प्रखंड के उत्तरसेरथू पंचायत अंतर्गत अफजलपुर गांव में मगरमच्छ देखे जाने की सूचना से रविवार को ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। मगरमच्छ की तस्वीर और सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। जिलाधिकारी श्रीमती छिरिङ वाई भूटिया के निर्देश पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन चलाया। जांच के दौरान मगरमच्छ तो नहीं मिला, लेकिन तस्वीर के परीक्षण के बाद उसके AI से तैयार किए जाने की बात सामने आई।
सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने पहले स्थानीय लोगों और मुखिया से इसकी पुष्टि कराई। इसके बाद जिलाधिकारी ने जिला वन पदाधिकारी को मामले की जानकारी देते हुए मगरमच्छ की खोज और संभावित रेस्क्यू के लिए वन विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया टीम को मौके पर भेजने का निर्देश दिया। जनसुरक्षा को देखते हुए संबंधित क्षेत्र में माइकिंग कर ग्रामीणों को सतर्क किया गया। संभावित जोखिम वाले स्थान से लोगों को सुरक्षित हटाने के साथ ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने निगरानी भी शुरू कर दी।
पटना और गया से वन विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया टीम एवं विशेषज्ञ अफजलपुर पहुंचे। टीम ने संबंधित इलाके का विस्तृत निरीक्षण करते हुए सर्च ऑपरेशन चलाया। काफी तलाश के बावजूद मौके पर मगरमच्छ नहीं मिला। टीम को उसके पगचिह्न अथवा मौजूदगी के अन्य प्राकृतिक संकेत भी नहीं मिले। इसके बाद उपलब्ध तस्वीर का तकनीकी परीक्षण किया गया। वन विभाग के विशेषज्ञों ने तस्वीर के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार किए जाने की संभावना जताई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय थाना पुलिस ने भी जांच शुरू की। छानबीन में पता चला कि गांव के ही एक नाबालिग लड़के ने AI आधारित तकनीक की मदद से मगरमच्छ की तस्वीर तैयार की थी। इसके बाद उसने तस्वीर को गांव के कुछ अन्य लोगों के बीच साझा कर दिया। देखते ही देखते तस्वीर और मगरमच्छ देखे जाने की सूचना आगे प्रसारित होने लगी, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया।
पुलिस की पूछताछ में नाबालिग ने अपने अभिभावक की मौजूदगी में AI के माध्यम से तस्वीर तैयार करने की बात स्वीकार की। उसकी उम्र को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने उसे और उसके अभिभावक को कड़ी चेतावनी देकर छोड़ दिया।
जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से अपील की है कि किसी भी संवेदनशील फोटो, वीडियो या सूचना को बिना सत्यापन के सोशल मीडिया पर साझा न करें। फर्जी तस्वीर और भ्रामक सूचना से लोगों में अनावश्यक भय पैदा होता है और प्रशासन को भी वास्तविक जनसुरक्षा से जुड़े कार्यों से हटकर ऐसे मामलों में संसाधन लगाने पड़ते हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में जानबूझकर फर्जी तस्वीर, भ्रामक सूचना या अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी आपात या संदिग्ध स्थिति में सोशल मीडिया पर सूचना प्रसारित करने के बजाय तत्काल स्थानीय प्रशासन या पुलिस को सूचित करें।