खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
मृदा स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक उपयोग एवं प्राकृतिक खेती की दी जानकारी
खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत मदकोटा, विकासखंड बड़ौद (जिला आगर-मालवा) में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपसंचालक कृषि श्री गोपेश पाठक, श्री राजेश डामोर बी.टी.एम. एवं श्री अनिल रांगोट आत्मा टीम द्वारा किसानों से कृषि की विभिन्न महत्वपूर्ण गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस दौरान किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, उर्वरकों के संतुलित उपयोग, नरवाई प्रबंधन तथा प्राकृतिक खेती अपनाने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। उपसंचालक कृषि श्री गोपेश पाठक ने किसानों को बताया कि फसलों में उर्वरकों का प्रयोग मिट्टी की जांच एवं फसल की आवश्यकता के अनुसार संतुलित मात्रा में करना चाहिए। नाइट्रोजन, फास्फोरस एवं पोटाश जैसे प्रमुख पोषक तत्वों का उचित अनुपात में उपयोग करने से फसलों की वृद्धि एवं उत्पादन में सहायता मिलती है। आवश्यकता से अधिक रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से बचना चाहिए तथा मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरक प्रबंधन को प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ ही गोबर की खाद, कम्पोस्ट एवं हरी खाद जैसे जैविक स्रोतों के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
किसानों को फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया। नरवाई जलाने से मिट्टी के लाभकारी सूक्ष्मजीव प्रभावित होते हैं, जैविक पदार्थों का नुकसान होता है तथा वायु प्रदूषण बढ़ता है। नरवाई को जलाने के बजाय खेत में मिलाने, मल्चिंग करने अथवा स्ट्रॉ रीपर एवं अन्य कृषि यंत्रों की सहायता से उसका उचित प्रबंधन करने की सलाह दी गई। इससे मिट्टी में जैविक पदार्थों की मात्रा बढ़ाने तथा पर्यावरण संरक्षण में मदद मिल सकती है।
प्राकृतिक खेती के संबंध में किसानों को बताया गया कि इसमें स्थानीय स्तर पर उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों, गोबर, गोमूत्र एवं फसल अवशेषों का उपयोग कर खेती की लागत कम करने और मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार लाने का प्रयास किया जाता है। किसानों को बीजामृत, जीवामृत, आच्छादन (मल्चिंग) तथा खेत में जैव विविधता बनाए रखने जैसे प्रमुख घटकों की जानकारी दी गई। साथ ही प्राकृतिक खेती को अपनाते समय स्थानीय परिस्थितियों, फसल की आवश्यकता एवं कृषि विभाग के मार्गदर्शन के अनुसार तकनीकों का उपयोग करने की सलाह दी गई।
खेत बचाओ अभियान का उद्देश्य किसानों को जागरूक कर भूमि की उर्वरता, पर्यावरण संरक्षण एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है, ताकि कृषि उत्पादन के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके।
Department of Agriculture, Madhya Pradesh
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