18 अक्टूबर से शुरू होगा सिमरिया कल्पवास मेला, सुरक्षा के लिए तैनात होंगे पुलिस बल और SDRF
24 नवंबर तक चलेगा मेला, डीएम रिची पाण्डेय और एसपी मनीष ने किया घाट का निरीक्षण; 24 घंटे सक्रिय रहेगा केंद्रीय नियंत्रण कक्ष
बेगूसराय। राजकीय सिमरिया कल्पवास मेला-2026 के सफल, सुव्यवस्थित और सुरक्षित आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस वर्ष कल्पवास मेला 18 अक्टूबर से 24 नवंबर तक आयोजित होगा। तैयारियों का जायजा लेने के लिए बुधवार को जिलाधिकारी रिची पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक मनीष ने सिमरिया घाट का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने संबंधित विभागों को साफ-सफाई, सुरक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और यातायात सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने का निर्देश दिया।
डीएम ने कहा कि कल्पवास मेला में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में कल्पवासी, साधु-संत और श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी सुविधा, सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भगदड़ रोकने के लिए तैनात होंगे दंडाधिकारी और पुलिस बल
मेला में विधि-व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। इसमें महिला पुलिस बल, लाठी पार्टी और राइफल पार्टी भी शामिल रहेंगी। महिलाओं के साथ छेड़खानी, चेन स्नैचिंग और अन्य आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सादे लिबास में पुलिसकर्मी निगरानी करेंगे।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और जाम की समस्या से निपटने के लिए डीएसपी ट्रैफिक एवं जिला परिवहन पदाधिकारी को समन्वित ट्रैफिक प्लान लागू करने का निर्देश दिया गया है।
गंगा घाटों पर SDRF की तैनाती, खतरनाक स्थलों पर बैरिकेडिंग
गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे। गहरे एवं खतरनाक घाटों को चिह्नित कर लाल कपड़े से संकेतक लगाए जाएंगे तथा मजबूत बैरिकेडिंग की जाएगी। नमामि गंगे सीढ़ी घाट और गंगा के जलस्तर से कटाव की आशंका वाले स्थानों पर भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी, ताकि श्रद्धालु जोखिम वाले क्षेत्रों में प्रवेश नहीं करें।
सफाई में लापरवाही पर दुकानदारों से वसूला जाएगा जुर्माना
मेला क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के लिए पालीवार सफाईकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। नगर परिषद बीहट, नगर निगम, अन्य नगर निकायों और लोहिया स्वच्छ भारत अभियान के कर्मी सफाई व्यवस्था संभालेंगे। सभी सफाईकर्मियों को निर्धारित यूनिफॉर्म और पहचान पत्र के साथ ड्यूटी करनी होगी।
मेला क्षेत्र के सभी दुकानदारों के लिए डस्टबिन रखना अनिवार्य होगा। गंदगी फैलाने या स्वच्छता संबंधी निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित दुकानदारों से नियमानुसार जुर्माना वसूला जाएगा। पूरे कल्पवास क्षेत्र में खुले में शौच पर प्रतिबंध रहेगा और निगरानी के लिए कार्यपालक दंडाधिकारी तैनात रहेंगे। मच्छरों से बचाव के लिए मेला परिसर और खालसावार में नियमित फॉगिंग भी कराई जाएगी।
24 घंटे मिलेगी एम्बुलेंस सेवा, स्वास्थ्य शिविर भी लगेंगे
श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सिविल सर्जन के निर्देशन में आवश्यक दवाओं और चिकित्सा सुविधाओं से युक्त स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए जाएंगे। आपात स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया है।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य संरक्षा निरीक्षक नियमित जांच करेंगे। मेला क्षेत्र में पान मसाला और गुटखा की बिक्री एवं उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल को चापाकलों के समीप सोख्ता निर्माण और पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
निर्बाध बिजली और LPG की व्यवस्था
कल्पवासियों एवं साधु-संतों की सुविधा के लिए मेला क्षेत्र और खालसाओं में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। बिजली कनेक्शन नियमानुसार उपलब्ध कराए जाएंगे तथा विद्युत तारों को सुरक्षित रखने और खुले तारों की समस्या दूर करने का निर्देश दिया गया है।
इसके साथ ही निर्धारित दर पर एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति एवं रिफिलिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसकी निगरानी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी करेंगे, ताकि कल्पवासियों को भोजन तैयार करने में परेशानी नहीं हो।
क्षतिग्रस्त सड़कों की होगी मरम्मत, अग्नि सुरक्षा की भी जांच
श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए बाढ़ प्रमंडल और पथ प्रमंडल को क्षतिग्रस्त सड़कों तथा धर्मशाला से कल्पवास क्षेत्र तक जाने वाले रास्तों की शीघ्र मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया है। सिमरिया धाम के मुख्य द्वार की रंगाई-पुताई और मेला मंच की तकनीकी जांच भवन प्रमंडल द्वारा की जा रही है।
अग्नि सुरक्षा के मद्देनजर जिला अग्निशमन पदाधिकारी सभी पंडालों और विद्युत तारों की जांच करेंगे, ताकि आग लगने की आशंका को कम किया जा सके।
चौबीसों घंटे सक्रिय रहेगा नियंत्रण कक्ष
मेला के दौरान श्रद्धालुओं को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए सिमरिया धाम में केंद्रीय नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे सक्रिय रहेगा। मेला क्षेत्र में सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली स्थापित की जा रही है, जिसके माध्यम से आवश्यक सूचनाएं और निर्देश प्रसारित किए जाएंगे। निजी लाउडस्पीकरों की आवाज भी निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने का निर्देश दिया गया है।
जिलाधिकारी रिची पाण्डेय ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने और सभी तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों से प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की।
निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता बृज किशोर चौधरी, अनुमंडल पदाधिकारी बेगूसराय अश्विनी कुमार, पुलिस उपाधीक्षक बेगूसराय, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, अंचल अधिकारी बरौनी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।