बेगूसराय-बरौनी रेल खंड पर एक ही ट्रैक पर दिखीं दो ट्रेनें, लोगों में मची अफरा-तफरी; जानिए क्या है सच
संवाददाता मुकेश कुमार बीहट
बरौनी-बेगूसराय रेल खंड पर गुरुवार को एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनों को आमने-सामने या आगे-पीछे देख स्थानीय लोगों के बीच हड़कंप मच गया। लोग किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से सहम गए। इस दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने जीरोमाइल ओवरब्रिज के ऊपर से इसका वीडियो भी बना लिया, जो तेजी से चर्चा का विषय बन गया।
हालांकि, रेलवे प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए इसे महज एक तकनीकी प्रक्रिया बताया है और किसी भी खतरे से साफ इनकार किया है।सबसे पहले कटिहार-सोनपुर मेमू पैसेंजर ट्रेन (संख्या 63305) बेगूसराय स्टेशन से बरौनी के लिए रवाना हुई थी।
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इसके बाद न्यू बरौनी स्टेशन से पहले गोमती संख्या 59 के पास आगे का सिग्नल नहीं मिलने के कारण यह ट्रेन रुक गई।
इसी दौरान, पीछे से आ रही डिब्रूगढ़-गोरखपुर ट्रेन (संख्या 05978) भी उसी ट्रैक पर पिछले सिग्नल के पास आकर रुक गई।
एक ही ट्रैक पर दोनों ट्रेनों को इतनी नजदीकी पर खड़ा देख वहां मौजूद लोगों को लगा कि कोई बड़ा रेल हादसा होने वाला है।
रेलवे अधिकारियों ने दी सफाई मामले के तूल पकड़ने पर रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों ने स्थिति को स्पष्ट कियाः
डिब्रूगढ़-गोरखपुर ट्रेन के गार्ड दिनेश कुमार ने बताया कि आधुनिक तकनीकी व्यवस्थाके तहत ऑटोमेटिक सिग्नल प्रणाली को सुदृढ़ किया गया है। इसके नियमों के अनुसार, एक ही ट्रैक पर एक सिग्नल के आगे-पीछे ट्रेनें चल सकती हैं। इसमें खतरे की कोई बात नहीं होती।
एरिया मैनेजर रत्नेश कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम के कारण अब एक सिग्नल के पीछे दूसरी ट्रेन रुकती है। इस आधुनिक प्रणाली से ट्रेनों के घंटों लेट होने की समस्या से काफी हद तक निजात मिलती है और यह पूरी तरह सुरक्षित है।
निष्कर्षः स्थानीय लोगों द्वारा जिसे दुर्घटना की आशंका समझा जा रहा था, वह दरअसल आधुनिक रेलवे की ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली (Automatic Signaling System) का हिस्सा था, जिसके तहत सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए एक ही ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन किया जाता है