29 जुलाई को उरई नगर पालिका में 'महाएक्शन' की तैयारी! एसडीएम ज्यूडिशियल ने भ्रष्टाचार जांच के लिए बनाया अभूतपूर्व प्लान, 40 ऑपरेटर, लाइव टेलीकास्ट और पुलिस-पीएसी तैनाती के निर्देश
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उरई। जालौन के संयुक्त मजिस्ट्रेट (न्यायिक) रिंकू सिंह राही द्वारा नगर पालिका परिषद उरई में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं की जांच को लेकर जारी चार पृष्ठीय पत्र ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि 28 जुलाई 2026 तक मांगे गए अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं तो 29 जुलाई को दोपहर 1 बजे नगर पालिका कार्यालय में बड़े स्तर पर भौतिक अभिलेख संकलन, निरीक्षण और डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित करने की कार्रवाई की जाएगी।
पत्र के अनुसार जांच को प्रभावित होने से बचाने के लिए लगभग 30 से 40 कंप्यूटर ऑपरेटरों की व्यवस्था, मोबाइल स्कैनिंग, दस्तावेजों का उसी दिन डिजिटल अपलोड, अभिलेखों का संकलन (Seizure) तथा आवश्यक होने पर डिजिटल बैकअप तैयार करने की योजना बनाई गई है। इसमें यह भी उल्लेख है कि यदि सरकारी संसाधन उपलब्ध नहीं हुए तो ऑपरेटरों का खर्च स्वयं वहन किया जाएगा।
संयुक्त मजिस्ट्रेट ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि जांच के दौरान किसी भी प्रकार के व्यवधान, अभिलेखों को छिपाने अथवा जांच को भटकाने (Divert) के प्रयासों की आशंका को देखते हुए पुलिस अधीक्षक से पर्याप्त पुलिस बल एवं आवश्यकता पड़ने पर पीएसी तैनात करने का अनुरोध किया गया है। साथ ही जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (NIC) से संपूर्ण कार्रवाई का लाइव टेलीकास्ट कराने तथा दस्तावेजों को रियल-टाइम पोर्टल पर अपलोड कराने की भी अपेक्षा व्यक्त की गई है।
पत्र में नगर पालिका के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि सभी मूल फाइलें, रजिस्टर, भुगतान अभिलेख, चेक रजिस्टर, डिजिटल डेटा एवं अन्य रिकॉर्ड निर्धारित समय पर उपलब्ध कराए जाएं। यदि किसी अभिलेख तक तत्काल पहुंच संभव न हो तो उसका कारण लिखित रूप में प्रस्तुत किया जाए, जिससे आवश्यकता पड़ने पर विधिक प्रक्रिया के तहत अभिलेख प्राप्त किए जा सकें।
सबसे गंभीर टिप्पणी में संयुक्त मजिस्ट्रेट ने लिखा है कि यदि ईमानदार एवं कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी भ्रष्टाचार संबंधी दस्तावेजों को सार्वजनिक करने का प्रयास करता है तो उसके विरुद्ध गंभीर खतरे तक उत्पन्न हो सकते हैं। पत्र में यह भी उल्लेख है कि पूर्व में निरीक्षण के दौरान कथित रूप से जांच को प्रभावित करने के प्रयास हुए थे, इसलिए इस बार पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सार्वजनिक बनाने की योजना तैयार की गई है।
पत्र की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव नगर विकास, आयुक्त झांसी मंडल, निदेशक स्थानीय निकाय, पुलिस अधीक्षक, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (NIC) तथा ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई है, जिससे स्पष्ट है कि प्रस्तावित कार्रवाई को उच्च स्तर पर प्रशासनिक समर्थन दिलाने का प्रयास किया गया है।
यदि यह कार्रवाई निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होती है, तो नगर पालिका उरई में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच जिले की अब तक की सबसे बड़ी दस्तावेजी जांचों में शामिल हो सकती है। साथ ही, जांच की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मीडिया को भी आमंत्रित करने और रियल-टाइम रिपोर्टिंग की व्यवस्था करने का उल्लेख इस पत्र का सबसे महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है।
Orai, Jalaun | Jul 20, 2026