मॉडल स्कूल में विद्यार्थियों के बीच पहुंचे जिलाधिकारी, लिया शैक्षणिक व्यवस्था का जायजा
जिलाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया ने आज सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल), डुमरा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक एवं आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया तथा विद्यालय की विभिन्न व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
सरकार द्वारा जिले में 17 मॉडल स्कूलों का निर्माण कराया गया है। इन विद्यालयों का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तथा आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मॉडल स्कूलों में स्मार्ट क्लास, प्रयोगशाला, पुस्तकालय सहित अन्य आवश्यक शैक्षणिक सुविधाओं को विकसित किया गया है, ताकि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन का अवसर मिल सके।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने विद्यालय के कक्षाओं, विज्ञान प्रयोगशाला, स्मार्ट क्लास/डिजिटल शिक्षण व्यवस्था, पुस्तकालय सहित विभिन्न संभागों का अवलोकन किया। उन्होंने उपलब्ध उपकरणों एवं संसाधनों के उपयोग की स्थिति की जानकारी ली तथा विद्यालय में साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत व्यवस्था और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अन्य सुविधाओं का भी जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने कक्षा में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, पसंदीदा विषय, विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं तथा पढ़ाई के दौरान आने वाली समस्याओं के संबंध में फीडबैक लिया। इस दौरान जिलाधिकारी स्वयं विद्यार्थियों के बीच बेंच पर बैठकर कक्षा में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों को करीब से समझते नजर आए। उनके इस सहज संवाद से विद्यार्थी भी काफी उत्साहित दिखे।
जिलाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया ने कहा कि “मॉडल स्कूल केवल बेहतर भवन और आधुनिक संसाधनों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सीखने के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है। उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग हो और प्रत्येक बच्चे को अपनी प्रतिभा एवं क्षमता विकसित करने का अवसर मिले, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है। शिक्षक बच्चों की जिज्ञासा को प्रोत्साहित करें और विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन के साथ अपने लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।”
उन्होंने विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों को उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर निरंतर ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत संरचना के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर समान रूप से ध्यान देना जरूरी है।
निरीक्षण के दौरान संबंधित पदाधिकारी, विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मी उपस्थित रहे।