प्याज के गिरते भावों ने निमाड़ के किसानों की कमर तोड़ दी है। हालात ऐसे हैं कि अब किसानों को अपनी लागत तक निकालना मुश्किल हो रहा है। कभी क्षेत्र की प्रमुख नगदी फसल रही प्याज अब किसानों के लिए घाटे का सौदा बनती जा रही है, जिसके चलते खेती का रकबा लगातार घट रहा है। लागत भी नहीं निकल पा रही किसानों के अनुसार एक बीघा प्याज की खेती में 40 से 50 हजार रुपए तक खर्च