प्रदेश के संस्कृति विभाग के तत्वाधान में मैहर संगीत महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में शास्त्रीय गायन की तीन दिवसीय कार्यशाला का हुआ समापन। तीन दिनों तक प्रतिष्ठित कलाकारों से गायन के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे। विद्यार्थी एवं जिले के युवाओं को अंतिम दिन के समापन अवसर पर प्रदान किए गए प्रमाण पत्र। शास्त्री गायन में रुचि रखने वाले युवाओं को राग यमन/ राग भैरवी राग भीमपलासी की बंदिशे सिखाई गई। और गायन में 12 स्वरो को लगाने का तरीका बताया गया। कार्यशाला में प्रशिक्षण दे रहे वरिष्ठ गायन कलाकार पंडित सुनील मसूरकर ने अपनी प्रस्तुति देते हुए राग मधुवंती मैं मध्यलय तीन ताल बंदिश एवं तराना की प्रस्तुति दी। और कार्यक्रम के अंत में याद पिया की आए ठुमरी से समापन किया गया।