[11/6, 1:07 PM] Shabu: कार्यालय चंबा वेलफेयर एसोसिएशन, चंबा
मासिक बैठक के उपरांत जारी प्रेस नोट
चंबा वेलफेयर एसोसिएशन ने ऐतिहासिक चौगान के संरक्षण और चंबा जिला को अग्रणी जिला बनाने की उठाई मांग
चंबा, 5 नवंबर। चंबा वेलफेयर एसोसिएशन की मासिक बैठक आज मुख्यालय स्थित होटल इरावती में संगठन के प्रधान श्री ओम प्रकाश गोस्वामी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में चंबा शहर एवं जिला के हितों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया।
बैठक की शुरुआत में उपस्थित सभी सदस्यों ने एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य श्री मदन कुमार शर्मा के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सदस्यों ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल और शक्ति प्रदान करने के लिए परमात्मा से प्रार्थना की।
ऐतिहासिक चौगान की दुर्दशा पर जताई चिंता
बैठक में चंबा के ऐतिहासिक चौगान की दिन-प्रतिदिन बिगड़ती स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। सदस्यों ने कहा कि चौगान चंबा की पहचान, शान और एकमात्र प्रमुख हरित पट्टी है। मिनजर मेले के बाद भी विभिन्न आयोजनों, प्रतियोगिताओं और खेलकूद गतिविधियों के चलते इस मैदान को विश्राम का अवसर नहीं मिल पा रहा है।
लगातार उपयोग और उचित देखभाल के अभाव में चौगान की घास नष्ट होने के कगार पर है तथा पूरा मैदान धूल और प्रदूषण से प्रभावित हो रहा है। सिंचाई के लिए उपलब्ध व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है। जल शक्ति विभाग द्वारा स्प्रिंकलर के माध्यम से कभी-कभार की गई सिंचाई इस विशाल हरित क्षेत्र को बचाने के लिए नाकाफी है।
एसोसिएशन ने जिला प्रशासन और नगर परिषद चंबा से आग्रह किया कि चौगान की नियमित एवं पर्याप्त सिंचाई सुनिश्चित की जाए तथा विभिन्न आयोजनों के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। सदस्यों ने कहा कि चौगान का संरक्षण केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि चंबा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने का दायित्व भी है।
आकांक्षी जिला चंबा को अग्रणी जिला बनाने में हो रही देरी पर सवाल
बैठक में चंबा जिला के विकास की धीमी गति पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। सदस्यों ने कहा कि रियासतकालीन गौरव, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संपदा से परिपूर्ण चंबा आज भी विकास की दौड़ में पिछड़ रहा है।
भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा वर्ष 2018 में चंबा को देश के 112 आकांक्षी जिलों में शामिल किया गया था, ताकि यहां विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके। लेकिन आठ वर्ष बीत जाने के बावजूद जिला की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है। राजनीतिक उदासीनता, प्रशासनिक अनदेखी और दृढ़ इच्छाशक्ति के अभाव के कारण चंबा आज भी अनेक बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है।
एसोसिएशन ने कहा कि घोषणाएं तो समय-समय पर बहुत होती हैं, लेकिन धरातल पर उनका क्रियान्वयन बेहद धीमा रहता है। जिला की जनता को आज भी ऐसा महसूस होता है कि चंबा विकास के मामले में वर्षों पीछे खड़ा है, जबकि प्रदेश के अन्य जिले विकास के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं।
उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में पिछड़ा चंबा
बैठक में सदस्यों ने कहा कि चंबा जिला में आज तक कोई बड़ा उद्योग स्थापित नहीं हो पाया है। यहां न तो इंजीनियरिंग कॉलेज है और न ही विश्वविद्यालय। बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसरों के अभाव में युवाओं को अन्य जिलों की ओर रुख करना पड़ता है।
जिला की कनेक्टिविटी भी एक गंभीर समस्या बनी हुई है। अन्य जिलों के साथ बेहतर संपर्क स्थापित करने के लिए लंबे समय से टनल निर्माण की मांग उठाई जा रही है, लेकिन इस दिशा में अभी तक ठोस प्रगति नहीं हो पाई है। इसके चलते चंबा की दूरी और दुर्गम परिस्थितियों का प्रभाव यहां के विकास पर लगातार पड़ रहा है।
सदस्यों ने यह भी कहा कि चंबा में पासपोर्ट कार्यालय जैसी आवश्यक सुविधा उपलब्ध नहीं है। पासपोर्ट बनवाने के लिए लोगों को कांगड़ा, धर्मशाला या पालमपुर जाना पड़ता है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कई बार पासपोर्ट कार्यालय खोलने की मांग उठाई गई, लेकिन अब तक आश्वासनों के अतिरिक्त कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया।
आजादी के लगभग 80 वर्ष बाद भी चंबा जिला में शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं का पर्याप्त विस्तार नहीं हो पाया है। यातायात व्यवस्था भी पुरानी और खस्ताहाल बसों पर निर्भर है। सदस्यों ने कहा कि चंबा में परिवहन सुविधाओं के आधुनिकीकरण और नई बसों की उपलब्धता की दिशा में तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए।
चंबा को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग
चंबा वेलफेयर एसोसिएशन ने जिला प्रशासन और हिमाचल प्रदेश सरकार से पुनः आग्रह किया कि चंबा को आकांक्षी जिला से अग्रणी जिला बनाने के लिए प्रभावी और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए। जिला में उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, परिवहन और संपर्क सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जाए।
एसोसिएशन ने सुझाव दिया कि चंबा को धर्मशाला और शिमला की तर्ज पर स्मार्ट सिटी जैसी विकासात्मक पहल के अंतर्गत लाने की संभावनाओं पर विचार किया जाए, ताकि जिला को अतिरिक्त बजट और विकास के अवसर प्राप्त हो सकें। साथ ही, जिला की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य प्रभावी योजनाएं भी लागू की जाएं।
संगठन ने आशा व्यक्त की कि सरकार और प्रशासन चंबा की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर गंभीरता से विचार करेंगे और जिला को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए ठोस एवं परिणामोन्मुखी कदम उठाएंगे।
जारीकर्ता:
चंबा वेलफेयर एसोसिएशन
चंबा जिला चंबा
[11/6, 1:07 PM] Shabu: बैठक में यह सदस्य उपस्थित रहे ओमप्रकाश गोस्वामी ईश्वरी प्रसाद शर्मा जे एन वाली सुरेश कश्मीरी सत्य प्रसाद वेद निकू राम दुनेरिया चैन लाल शर्मा चेतन मरवाह हीरेंद्र बिजलवान डॉक्टर राजेश सहगल अजितेश शर्मा योगराज पुरी और पी एल ठाकुर
Chamba, Chamba | Nov 6, 2026