'दुर्घटना नहीं, सुनियोजित हत्या हुई': डीलर संघ अध्यक्ष की पत्नी ने उठाए गंभीर सवाल, SSP को आवेदन देकर मृतक की बेटी ने CID/CBI जांच की मांग की, कहां- हमारे पिता को सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि किसी ने गला दबाकर मारा
गया। गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र में डीलर संघ के प्रखंड अध्यक्ष सुजीत कुमार पासवान की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मृतक की पत्नी रेखा देवी ने शुक्रवार को एसएसपी सुशील कुमार को आवेदन देकर बेलागंज थाना कांड संख्या 477/26 की सीआईडी या सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।
उनका आरोप है कि यह कोई सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दिलाई जानी चाहिए। मृतक की पत्नी रेखा देवी ने अपने आवेदन में कहा है कि 16 जुलाई 2026 को उनके पति सुजीत कुमार पासवान किसी काम से निकले थे। दोपहर करीब 2:12 बजे उनकी बेटी की अपने पिता से फोन पर बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान किसी व्यक्ति से तीखी नोकझोंक होने की बात सुनाई दी, जिसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया।
इसके बाद परिजनों का उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका।
परिजनों का आरोप है कि बाद में सूचना मिली कि सुजीत कुमार गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले हैं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पीड़ित मृतक के पत्नी रेखा देवी का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया था कि उनके पति की गर्दन की हड्डी टूटी हुई थी तथा रीढ़ की हड्डी में भी गंभीर चोट थी। उनका कहना है कि शरीर पर सड़क दुर्घटना जैसी अन्य गंभीर चोटों के निशान नहीं थे, जिससे हत्या की आशंका और मजबूत होती है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि मृतक की मोटरसाइकिल सड़क किनारे सही स्थिति में खड़ी मिली थी। यदि यह सड़क दुर्घटना होती, तो बाइक भी क्षतिग्रस्त होती। इसी आधार पर परिजनों ने सवाल उठाया है कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थिति थी, जिसमें बाइक सुरक्षित रही लेकिन सुजीत कुमार की मौत हो गई।
रेखा देवी ने यह भी कहा है कि उनके पति बेलागंज डीलर संघ के प्रखंड अध्यक्ष थे और सामाजिक रूप से सक्रिय रहते थे। उनका आरोप है कि किसी पुरानी रंजिश या दुश्मनी के कारण उनके पति की हत्या की गई और बाद में घटना को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई।
पीड़ित ने आवेदन में स्थानीय पुलिस की जांच पर भी सवाल उठाते हुए कहा है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए इसे सीआईडी या सीबीआई को सौंपा जाए। उनका कहना है कि स्वतंत्र एजेंसी से जांच होने पर ही पूरे घटनाक्रम का सच सामने आएगा और वास्तविक दोषियों की पहचान हो सकेगी।
फिलहाल पुलिस इस मामले में बेलागंज थाना कांड संख्या 477/26 के तहत जांच कर रही है। वहीं, मृतक के परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों और सीआईडी/सीबीआई जांच की मांग के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब सबकी नजर पुलिस प्रशासन के अगले कदम और जांच की दिशा पर टिकी हुई है।
#गयाजी
#GayaPolice
#LatestNews
#gaya
#CrimeNews
#latestnewsindia
#मर्डर
#बेलागंज
GAYA Police
Samrat Choudhary
Bihar Police
Vikas Vaibhav, IPS