सोशल मीडिया प्रोफाइल को एडिट कर बदनाम करने की साजिश, संघर्ष और संगठन की एकता को कमजोर करने का प्रयास: देवेंद्र नाथ महतो
रांची: छात्र-युवा हितों, शिक्षा व्यवस्था में सुधार एवं पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की लड़ाई को कमजोर करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक और मनगढ़ंत जानकारी फैलाने की साजिश की जा रही है। देवेंद्र नाथ महतो के फेसबुक प्रोफाइल को एडिट कर पदनाम एवं अन्य जानकारियों में मनगढ़ंत बदलाव करते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है।
इस मामले पर देवेंद्र नाथ महतो ने आज बयान जारी करते हुए कहा कि यह केवल व्यक्तिगत रूप से उन्हें बदनाम करने की कोशिश नहीं है, बल्कि संघर्षशील साथियों और संगठन की एकता को कमजोर करने की सुनियोजित साजिश है। उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें जनता के बीच वर्षों से बने विश्वास को तोड़ने तथा छात्रों, युवाओं और आम जनता की आवाज को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं।
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि झारखंड के छात्रों और युवाओं के भविष्य के लिए है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और नौकरी खरीद-बिक्री जैसी भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ हमारी लड़ाई लगातार जारी है।
उन्होंने कहा कि हाल के आंदोलनों—भूख हड़ताल, सत्याग्रह आंदोलन और भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा—को जिस प्रकार व्यापक जनसमर्थन मिला, उसने सरकार और व्यवस्था को कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया। संघर्ष के परिणामस्वरूप भर्ती व्यवस्था से जुड़े मामलों में बड़ी कार्रवाई हुई, जिसमें लगभग 32 लोगों की गिरफ्तारी, 45 विवादित परीक्षाओं पर कार्रवाई, 22 परीक्षाएं रद्द, 17 परीक्षाओं की जांच तथा 6 परीक्षाओं पर रोक जैसी कार्रवाई शामिल है।
उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों और युवाओं को न्याय मिलने की दिशा में उठाए गए इन कदमों से कुछ लोगों को परेशानी हो रही है। यही कारण है कि अब व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने, सोशल मीडिया प्रोफाइल को एडिट करने और भ्रामक सूचनाएं फैलाकर आंदोलन की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने का प्रयास किया जा रहा है।
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि ऐसे षड्यंत्रों से न तो छात्रों की आवाज दबेगी और न ही संघर्ष कमजोर होगा।
उन्होंने कहा—
“मेरी सोशल मीडिया प्रोफाइल को एडिट कर कोई मेरी पहचान नहीं बदल सकता। हमारी पहचान हमारे संघर्ष, त्याग और जनता के विश्वास से बनी है। यह लड़ाई किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि लाखों छात्रों, युवाओं और झारखंड के भविष्य की लड़ाई है। साजिशें चाहे जितनी हों, हम शिक्षा और भर्ती व्यवस्था में सुधार की आवाज को कमजोर नहीं होने देंगे।”
उन्होंने अपने समर्थकों एवं आम जनता से अपील की कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी एडिटेड स्क्रीनशॉट अथवा भ्रामक जानकारी को बिना सत्यापन के साझा न करें और अफवाह फैलाने वालों के षड्यंत्र से सावधान रहें।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि संघर्ष जारी रहेगा, एकता बरकरार रहेगी और छात्रों-युवाओं के न्याय की आवाज किसी भी साजिश के सामने झुकेगी नहीं।
सच की आवाज को दबाने की हर कोशिश नाकाम होगी।
संघर्ष जारी है, जारी रहेगा।
आरोपों की भाषा को सावधान बनाइए।