करोड़ों की लागत से बना राजकीय आईटीआई बना शोपीस! 7 साल बाद भी नहीं खुला संस्थान, आखिर जिम्मेदार कौन?
संतकबीरनगर जनपद के सेमरियावां ब्लॉक में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) आज भी अपनी शुरुआत का इंतजार कर रहा है। वर्ष 2013 में स्वीकृत यह महत्वाकांक्षी परियोजना वर्ष 2018-19 में बनकर पूरी तरह तैयार हो गई थी, लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने के लगभग 6 से 7 वर्ष बाद भी संस्थान में प्रशिक्षण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
हैरानी की बात यह है कि संस्थान में छात्रों के लिए हॉस्टल, प्रशिक्षण कक्ष, प्रशासनिक भवन समेत सभी आवश्यक सुविधाएं तैयार हैं। इसके बावजूद भवन वीरान पड़ा हुआ है और करोड़ों रुपये की सरकारी धनराशि का उपयोग आम जनता को लाभ पहुंचाने के बजाय बंद पड़े भवन तक सीमित होकर रह गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह आईटीआई शुरू हो जाए तो क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के लिए खलीलाबाद, गोरखपुर या दूसरे जनपदों और राज्यों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। छात्र अपने घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही संस्थान के संचालन से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
जिला पंचायत सदस्य वार्ड नंबर-9 कायनात फातिमा, मोहम्मद अहमद, फूलचंद, वसी अहमद, अंशु चन्द्रा, आदित्य चन्द्रा समेत अनेक स्थानीय नागरिकों ने इस मुद्दे को कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने उठाया है। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
अब बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी संस्थान शुरू न होने की जिम्मेदारी किसकी है? क्या यह सरकार की लापरवाही है, या फिर जिला प्रशासन की उदासीनता? आखिर कब तक क्षेत्र के युवा इस महत्वपूर्ण संस्थान के शुरू होने का इंतजार करते रहेंगे?
स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सभी औपचारिकताएं पूरी कर संस्थान का संचालन शुरू कराया जाए, ताकि क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
Khalilabad, Sant Kabir Nagar | Jun 7, 2026