301 प्राथमिक शालाओं को मिली राहत, टपकती छतों से निजात के साथ वर्षा जल संरक्षण को भी बढ़ावा।
छत मरम्मत एवं रूफ वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं से बच्चों को मिला सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण।
जिले में प्राथमिक शालाओं में अध्ययनरत बच्चों को बेहतर एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने तथा वर्षा जल के संरक्षण के उद्देश्य से विशेष प्रयास किए गए हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत रतलाम सूश्री वैशाली जैन के विशेष प्रयासों से जिले की 301 प्राथमिक शालाओं में छत मरम्मत के साथ रूफ वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण कराया गया है।
इन कार्यों से लंबे समय से टपकती छतों के कारण विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को होने वाली परेशानी से निजात मिली है। वर्षा के दौरान कक्षाओं में पानी टपकने की समस्या दूर होने से बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ एवं बेहतर शिक्षण वातावरण सुनिश्चित हुआ है।
साथ ही, शालाओं की छतों पर गिरने वाले वर्षा जल को पाइप के माध्यम से रूफ वाटर हार्वेस्टिंग संरचना तक पहुंचाकर भूजल पुनर्भरण किया जा रहा है। इससे वर्षा जल को नालियों में बहकर व्यर्थ जाने से रोकते हुए उसे जमीन में उतारने का कार्य किया जा रहा है। इस पहल से प्रतिवर्ष लाखों लीटर वर्षा जल के संरक्षण एवं भूजल स्तर में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
जनपदवार उपलब्धि में आलोट की 76 बाजना की 38 जावरा की 53 पिपलौदा की 43 तथा सैलाना की 91 प्राथमिक शालाएं शामिल हैं। इस प्रकार कुल 301 प्राथमिक शालाओं में यह कार्य किया गया है।
यह पहल शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण को जोड़ने का प्रभावी उदाहरण है। एक ओर विद्यालय भवनों की छतों की मरम्मत कर विद्यार्थियों को वर्षा के दौरान होने वाली असुविधा से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर रूफ वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से प्रत्येक विद्यालय को वर्षा जल संरक्षण की दिशा में उपयोगी परिसंपत्ति के रूप में विकसित किया गया है।
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13 views | Ratlam, Madhya Pradesh | Sep 15, 2026