सेवल मंदिर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
गीता अध्ययन से सेवा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक बच्चों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
सीकरी (डीग)। सेवल मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धार्मिक श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर फूल बंगला झांकी, झूलन उत्सव, विशेष महाभिषेक, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा गीता कॉन्टेस्ट के विजेता विद्यार्थियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
सेवल मंदिर के जमुना जीवन दास जी ने बताया कि इस बार जन्माष्टमी महोत्सव में सीकरी एवं आसपास के गांवों के बच्चों ने विशेष भूमिका निभाई। बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ भगवान की सेवा और मंदिर की व्यवस्थाओं में भी सक्रिय भागीदारी की। उन्हें श्रीमद्भगवद्गीता के अध्ययन के साथ सेवा, संस्कार, रचनात्मकता एवं भारतीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया गया।
जन्माष्टमी पर भगवान श्री वन बिहारी जी के लिए बच्चों ने फूलों से आकर्षक फूल बंगला एवं झूलन तैयार किया। निहाम गांव के गीता कॉन्टेस्ट से जुड़े विद्यार्थियों ने ठाकुर जी के लिए विशेष पोशाक तैयार कर सेवा में अर्पित की। वहीं बच्चों ने राधा-कृष्ण की लीलाओं पर आधारित कथक, मयूर नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
इस अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्रीकृष्ण का विभिन्न औषधियों एवं फलों के रसों से विशेष महाभिषेक किया गया। दिनभर झूलन उत्सव चला तथा श्रद्धालुओं ने ठाकुर जी को झूला झुलाकर दर्शन किए। भगवान को विशेष राजभोग भी अर्पित किया गया।
गीता कॉन्टेस्ट के विजेताओं का सम्मान
महोत्सव के दौरान गीता कॉन्टेस्ट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ट्रॉफी, प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्रथम स्थान संयुक्त रूप से लक्ष्मी प्रजापत, कक्षा 12, राजकीय बालिका विद्यालय, सीकरी और साक्षी सैनी, कक्षा 9, राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, गोविंदगढ़ ने प्राप्त किया। दोनों विद्यार्थियों को ₹5,100 का प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को भी पुरस्कार, ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र दिए गए।
महोत्सव ने बच्चों को आध्यात्मिक ज्ञान के साथ सेवा, संस्कार और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का संदेश दिया। भक्तिमय वातावरण, वैदिक मंत्रोच्चार, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विद्यार्थियों के सम्मान के साथ जन्माष्टमी महोत्सव श्रद्धा एवं उल्लास के बीच संपन्न हुआ।