आईटीबीपी एवं एनडीएमए द्वारा आयोजित इंटीग्रेटेड सिम्पोजियम ऑन डिजास्टर मैनेजमेंट
का द्वितीय एवं समापन दिवस का आयोजन
पंचकूला 18 सितंबर: भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) एवं एनडीएमए द्वारा आयोजित इंटीग्रेटेड सिम्पोजियम ऑन डिजास्टर मैनेजमेंट के द्वितीय एवं समापन दिवस का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रथम दिवस की कार्यवाही के पुनरावलोकन से हुई, जिसमें प्रमुख विचार-विमर्श, महत्वपूर्ण निष्कर्ष एवं उभरती चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया।
द्वितीय दिवस में मल्टि -एजेंसी कॉर्डिनेशन , डिजास्टर रिस्पांस एंड इमरजेंसी प्रिपेयर्डनेस " विषय पर विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय एवं आपदा के समय प्रभावी प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करने पर चर्चा की गई। सत्र में एसडीआरएफ दिशानिर्देश, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, राज्यों की भूमिका एवं क्षमता निर्माण, सशस्त्र बलों की भूमिका, सिविल-मिलिट्री समन्वय, एनडीआरएफ -एसडीआरएफ -सीएपीएफ समन्वय, इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम, जलाशय एवं बांध सुरक्षा तथा बाढ़ प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
"यूनिवर्सिटीज /ऐकडेमिक इंस्टीटूशन ऑफ़ चंडीगढ़ एंड ट्राइसिटी– रिसर्च , टेक्नोलॉजी एंड डिजास्टर रिज़िलीअन्स " विषय पर शिक्षाविदों एवं विशेषज्ञों द्वारा विचार साझा किए गए। इसमें शैक्षणिक संस्थानों, सरकार एवं उद्योग के सहयोग, जलवायु परिवर्तन, शहरीकरण, बाढ़ एवं आपदा जोखिम प्रबंधन तथा टेक्नोलॉजी एवं आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस आधारित समाधान पर चर्चा हुई।
इसके पश्चात प्रतिभागियों द्वारा प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया, जिसमें आपदा प्रबंधन, तकनीकी नवाचार एवं आपदा प्रतिक्रिया से संबंधित विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित किया गया। संगोष्ठी के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि श्री राजेश कुमार, महानिरीक्षक भा०ति०सी०पु०बल की गरिमामयी उपस्थिति रही। संगोष्ठी के आउटकम डौकोमेन्टस जल्द ही सभी ऐजन्सियों को उपलब्ध करवा दिये जायेगे।
वैलेडिक्टरी सत्र के दौरान मुख्य अतिथि एवं गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया गया तथा आईटीबीपी द्वारा गणमान्य अतिथियों को पौधे भेंट किए गए। इसके बाद श्री राणा युद्धवीर सिंह, डीआईजी , एनआईटीएसआरडीआर द्वारा स्वागत एवं वैलेडिक्टरी संबोधन तथा संगोष्ठी के प्रमुख निष्कर्षों एवं अनुशंसाओं को प्रस्तुत किया गया।
मुख्य अतिथि द्वारा अपने संबोधन में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में समन्वय, तैयारी, तकनीकी नवाचार एवं सामूहिक प्रयासों के महत्व पर प्रकाश डाला गया।अंत में कार्यक्रम का समापन श्री मोहित चावला, भा०पु०से०, उप महानिरीक्षक, पश्चिमी कमान भा०ति०सी०पु०बल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। इसके उपरांत राष्ट्रीय गान के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। दो दिवसीय संगोष्ठी ने आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागों, सुरक्षा बलों, विशेषज्ञों एवं शैक्षणिक संस्थानों को ज्ञान, अनुभव एवं सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान के लिए एक साझा मंच प्रदान किया।